हूद · 36/123
अनुवाद उच्चारण — हूद
وَأُوحِيَ إِلَىٰ نُوحٍ أَنَّهُ لَن يُؤْمِنَ مِن قَوْمِكَ إِلَّا مَن قَدْ آمَنَ فَلَا تَبْتَئِسْ بِمَا كَانُوا يَفْعَلُونَ ۝٣٦
Wa oohiya ilaa Noohin annahoo lany-yu`mina min qawmika illaa man qad aamana falaa tabta`is bimaa kaanoo yaf`aloon
📖 हिंदी अर्थ
और नूह के पास ये 'वही' भेज दी गई कि जो ईमान ला चुका उनके सिवा अब कोई शख़्श तुम्हारी क़ौम से हरगिज़ ईमान न लाएगा तो तुम ख्वाहमा ख्वाह उनकी कारस्तानियों का (कुछ) ग़म न खाओ

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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • لَن يُؤْمِنَ – कभी ईमान नहीं लाएगा।
  • فَلَا تَبْتَئِسْ – अतः तुम उदास/दुखी मत होओ।
  • بِمَا كَانُوا يَفْعَلُونَ – उन कर्मों के कारण जो वे कर रहे थे (झुठलाना और उपहास)।

व्याख्या:

जब नूह (अलैहिस्सलाम) की क़ौम पर अल्लाह का अज़ाब (यातना) का फ़ैसला नाज़िल हुआ, तो अल्लाह ने अपने नबी की ओर वह़्य (प्रकाशना) भेजी कि हे नूह! तुम्हारी क़ौम में से जो लोग अब तक ईमान ला चुके हैं, उनके अलावा अब कोई और ईमान नहीं लाएगा। यह उनके लिए निराशा और उनके कुफ़्र पर स्थिर रहने की घोषणा थी, ताकि अल्लाह का वादा किया गया अज़ाब उन पर पूरा हो। अल्लाह ने नूह (अलैहिस्सलाम) को सांत्वना दी कि वे उन लोगों के कृत्यों पर दुखी न हों, जो लंबी अवधि तक उन्हें झुठलाते रहे और उनका मज़ाक उड़ाते रहे। यह इस बात का संकेत था कि अल्लाह उन्हें विनष्ट करने वाला है, और इसी के बाद नूह (अलैहिस्सलाम) ने उनके विरुद्ध दुआ की: "हे मेरे रब! धरती पर काफ़िरों में से किसी को जीवित न छोड़।" (सूरह नूह: 26)


लाभ एवं शिक्षाएँ:

  1. ईमान अल्लाह की ओर से एक उपहार है – यह केवल उसी को मिलता है जिसके लिए अल्लाह ने भलाई का इरादा किया हो। इसलिए हमें अपने ईमान की हिफ़ाज़त के लिए लगातार दुआ करनी चाहिए और अल्लाह से स्थिरता माँगनी चाहिए।
  2. नबियों का धैर्य और अल्लाह पर भरोसा – नूह (अलैहिस्सलाम) ने सैकड़ों वर्षों तक दावत दी, पर जब अल्लाह ने फ़ैसला सुना दिया, तो उन्होंने दुखी न होकर अल्लाह के फ़ैसले पर संतोष किया। यह हमें सिखाता है कि जब अल्लाह का फ़ैसला आ जाए, तो हमें उस पर रज़ामंद रहना चाहिए।
  3. अल्लाह की सज़ा का डर – जब कोई क़ौम हद से आगे बढ़ जाती है और नबियों को झुठलाती है, तो अल्लाह की पकड़ बहुत सख्त होती है। यह हमें चेतावनी देता है कि हम अपने जीवन में नबियों की शिक्षाओं का अनुसरण करें और उनका मज़ाक उड़ाने से बचें।
  4. दुआ की ताकत – नूह (अलैहिस्सलाम) की दुआ से पूरी काफ़िर क़ौम विनष्ट हो गई। यह दिखाता है कि नेक लोगों की दुआ में कितनी बरकत होती है, और हमें अपने जीवन में दुआ को कभी कमज़ोर नहीं समझना चाहिए।
  5. सच्चे मोमिन की पहचान – जो लोग सच्चे दिल से ईमान लाते हैं, अल्लाह उन्हें बचा लेता है, चाहे पूरी दुनिया उनके खिलाफ क्यों न हो। यह हमें सिखाता है कि सच्चाई और ईमान पर अडिग रहना ही सफलता की कुंजी है।


📜 आयत 34-38 — हूद

34وَلَا يَنفَعُكُمْ نُصْحِي إِنْ أَرَدتُّ أَنْ أَنصَحَ لَكُمْ إِن كَانَ اللَّهُ يُرِيدُ أَن يُغْوِيَكُمْ ۚ هُوَ رَبُّكُمْ وَإِلَيْهِ تُرْجَعُونَ
अगर ख़ुदा को तुम्हारा बहकाना मंज़ूर है तो मेरी ख़ैर ख्वाही कुछ भी तुम्हारे काम नहीं आ सकती वही तुम्हारा परवरदिगार है और उसी की तरफ तुम को लौट जाना है
35أَمْ يَقُولُونَ افْتَرَاهُ ۖ قُلْ إِنِ افْتَرَيْتُهُ فَعَلَيَّ إِجْرَامِي وَأَنَا بَرِيءٌ مِّمَّا تُجْرِمُونَ
(ऐ रसूल) क्या (कुफ्फ़ारे मक्का भी) कहते हैं कि क़ुरान को उस (तुम) ने गढ़ लिया है तुम कह दो कि अगर मैने उसको गढ़ा है तो मेरे गुनाह का वबाल मुझ पर होगा और तुम लोग जो (गुनाह करके) मुजरिम होते हो उससे मै बरीउल ज़िम्मा (अलग) हूँ
36وَأُوحِيَ إِلَىٰ نُوحٍ أَنَّهُ لَن يُؤْمِنَ مِن قَوْمِكَ إِلَّا مَن قَدْ آمَنَ فَلَا تَبْتَئِسْ بِمَا كَانُوا يَفْعَلُونَ
और नूह के पास ये 'वही' भेज दी गई कि जो ईमान ला चुका उनके सिवा अब कोई शख़्श तुम्हारी क़ौम से हरगिज़ ईमान न लाएगा तो तुम ख्वाहमा ख्वाह उनकी कारस्तानियों का (कुछ) ग़म न खाओ
37وَاصْنَعِ الْفُلْكَ بِأَعْيُنِنَا وَوَحْيِنَا وَلَا تُخَاطِبْنِي فِي الَّذِينَ ظَلَمُوا ۚ إِنَّهُم مُّغْرَقُونَ
और (बिस्मिल्लाह करके) हमारे रुबरु और हमारे हुक्म से कश्ती बना डालो और जिन लोगों ने ज़ुल्म किया है उनके बारे में मुझसे सिफारिश न करना क्योंकि ये लोग ज़रुर डुबा दिए जाएँगें
38وَيَصْنَعُ الْفُلْكَ وَكُلَّمَا مَرَّ عَلَيْهِ مَلَأٌ مِّن قَوْمِهِ سَخِرُوا مِنْهُ ۚ قَالَ إِن تَسْخَرُوا مِنَّا فَإِنَّا نَسْخَرُ مِنكُمْ كَمَا تَسْخَرُونَ
और नूह कश्ती बनाने लगे और जब कभी उनकी क़ौम के सरबर आवुरदा लोग उनके पास से गुज़रते थे तो उनसे मसख़रापन करते नूह (जवाब में) कहते कि अगर इस वक्त तुम हमसे मसखरापन करते हो तो जिस तरह तुम हम पर हँसते हो हम तुम पर एक वक्त हँसेगें
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अनुवाद — हूद 36

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Tuesday, August 18, 2026

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