अल-हिज्र · 63/99
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-हिज्र
قَالُوا بَلْ جِئْنَاكَ بِمَا كَانُوا فِيهِ يَمْتَرُونَ ۝٦٣
Qaaloo bal ji`naaka bimaa kaanoo feehi yamtaroon
📖 हिंदी अर्थ
जिसके बारे में आपकी क़ौम के लोग शक़ रखते थे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يَمْتَرُونَ: संदेह करना, शक करना, किसी चीज़ के बारे में संदेह में पड़े रहना।

व्याख्या:

जब फ़रिश्ते हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) के पास मेहमान के रूप में पहुँचे और उन्होंने उनकी आशंका और चिंता को भाँप लिया, तो उन्होंने तसल्ली देते हुए कहा: "डरो मत! हम आपके लिए कोई बुराई लेकर नहीं आए हैं। हम तो वह चीज़ लेकर आए हैं जिसके बारे में आपकी क़ौम संदेह में पड़ी हुई थी — यानी वह अज़ाब जिसकी आप उन्हें धमकी देते रहे थे और वे उसे झुठलाते थे। हम आपके पास सत्य और अल्लाह की ओर से निश्चित आदेश लेकर आए हैं, और हम सच्चे हैं।" यह अज़ाब उन लोगों पर नाज़िल होने वाला था जो हद से गुज़र चुके थे और लूत की नसीहत को मज़ाक़ समझते थे। फ़रिश्तों ने यह भी बताया कि उनका मिशन इसी अज़ाब को नाज़िल करना है, और इसी लिए वे उस रात लूत (अलैहिस्सलाम) के पास आए थे ताकि उन्हें और उनके ईमानवालों को सुरक्षित निकाल लें।

फ़ायदे:

  1. अल्लाह के नेक बंदों को उनकी परेशानी के समय में मदद और राहत ज़रूर पहुँचती है, भले ही वह राहत किसी भी रूप में आए।
  2. अल्लाह के फ़रिश्ते अपने नबियों को तसल्ली देते हैं और उनके दिलों को मज़बूत करते हैं — यह इस बात की दलील है कि अल्लाह अपने पैग़म्बरों का हर हाल में हिफ़ाज़त करता है।
  3. अज़ाब का आना अल्लाह की सुन्नत (क़ानून) है — जब कोई क़ौम हद से गुज़र जाती है और नबी की नसीहत को झुठलाती है, तो उस पर अल्लाह की पकड़ आती ही है।
  4. नबियों की दावत हमेशा सच्चाई पर आधारित होती है, और उनकी धमकियाँ भी सच्ची होती हैं — इसलिए हमें कभी भी अल्लाह के वादे और वायदे पर संदेह नहीं करना चाहिए।
  5. यह आयत हमें सिखाती है कि मुसीबत के समय में सब्र और भरोसा रखना चाहिए, क्योंकि अल्लाह की मदद उस वक़्त आती है जब इंसान उससे उम्मीद नहीं रखता।


📜 आयत 61-65 — सूरा अल-हिज्र

61فَلَمَّا جَاءَ آلَ لُوطٍ الْمُرْسَلُونَ
ग़रज़ जब (ख़ुदा के) भेजे हुए (फरिश्ते) लूत के बाल बच्चों के पास आए तो लूत ने कहा कि तुम तो (कुछ) अजनबी लोग (मालूम होते हो)
62قَالَ إِنَّكُمْ قَوْمٌ مُّنكَرُونَ
फरिश्तों ने कहा (नहीं) बल्कि हम तो आपके पास वह (अज़ाब) लेकर आए हैं
63قَالُوا بَلْ جِئْنَاكَ بِمَا كَانُوا فِيهِ يَمْتَرُونَ
जिसके बारे में आपकी क़ौम के लोग शक़ रखते थे
64وَأَتَيْنَاكَ بِالْحَقِّ وَإِنَّا لَصَادِقُونَ
(कि आए न आए) और हम आप के पास (अज़ाब का) कलई (सही) हुक्म लेकर आए हैं और हम बिल्कुल सच कहते हैं
65فَأَسْرِ بِأَهْلِكَ بِقِطْعٍ مِّنَ اللَّيْلِ وَاتَّبِعْ أَدْبَارَهُمْ وَلَا يَلْتَفِتْ مِنكُمْ أَحَدٌ وَامْضُوا حَيْثُ تُؤْمَرُونَ
बस तो आप कुछ रात रहे अपने लड़के बालों को लेकर निकल जाइए और आप सब के सब पीछे रहिएगा और उन लोगों में से कोई मुड़कर पीछे न देखे और जिधर (जाने) का हुक्म दिया गया है (शाम) उधर (सीधे) चले जाओ और हमने लूत के पास इस अम्र का क़तई फैसला कहला भेजा
अल-हिज्रकुरान सूची
99आयत
मक्कीअवतरण स्थान
63आयत

अनुवाद — अल-हिज्र 63

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सूरा आयत 63/99 — सूरा अल-हिज्र الحجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-हिज्र सुनें, सूरा अल-हिज्र अनुवाद, सूरा अल-हिज्र mp3, सूरा अल-हिज्र pdf. आयत 61–65. हिंदी अर्थ: اردو.





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Thursday, October 1, 2026

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