अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَمْتَرُونَ: संदेह करना, शक करना, किसी चीज़ के बारे में संदेह में पड़े रहना।
व्याख्या:
जब फ़रिश्ते हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) के पास मेहमान के रूप में पहुँचे और उन्होंने उनकी आशंका और चिंता को भाँप लिया, तो उन्होंने तसल्ली देते हुए कहा: "डरो मत! हम आपके लिए कोई बुराई लेकर नहीं आए हैं। हम तो वह चीज़ लेकर आए हैं जिसके बारे में आपकी क़ौम संदेह में पड़ी हुई थी — यानी वह अज़ाब जिसकी आप उन्हें धमकी देते रहे थे और वे उसे झुठलाते थे। हम आपके पास सत्य और अल्लाह की ओर से निश्चित आदेश लेकर आए हैं, और हम सच्चे हैं।" यह अज़ाब उन लोगों पर नाज़िल होने वाला था जो हद से गुज़र चुके थे और लूत की नसीहत को मज़ाक़ समझते थे। फ़रिश्तों ने यह भी बताया कि उनका मिशन इसी अज़ाब को नाज़िल करना है, और इसी लिए वे उस रात लूत (अलैहिस्सलाम) के पास आए थे ताकि उन्हें और उनके ईमानवालों को सुरक्षित निकाल लें।
फ़ायदे:
- अल्लाह के नेक बंदों को उनकी परेशानी के समय में मदद और राहत ज़रूर पहुँचती है, भले ही वह राहत किसी भी रूप में आए।
- अल्लाह के फ़रिश्ते अपने नबियों को तसल्ली देते हैं और उनके दिलों को मज़बूत करते हैं — यह इस बात की दलील है कि अल्लाह अपने पैग़म्बरों का हर हाल में हिफ़ाज़त करता है।
- अज़ाब का आना अल्लाह की सुन्नत (क़ानून) है — जब कोई क़ौम हद से गुज़र जाती है और नबी की नसीहत को झुठलाती है, तो उस पर अल्लाह की पकड़ आती ही है।
- नबियों की दावत हमेशा सच्चाई पर आधारित होती है, और उनकी धमकियाँ भी सच्ची होती हैं — इसलिए हमें कभी भी अल्लाह के वादे और वायदे पर संदेह नहीं करना चाहिए।
- यह आयत हमें सिखाती है कि मुसीबत के समय में सब्र और भरोसा रखना चाहिए, क्योंकि अल्लाह की मदद उस वक़्त आती है जब इंसान उससे उम्मीद नहीं रखता।
📜 आयत 61-65 — सूरा अल-हिज्र
अनुवाद — अल-हिज्र 63
सूरा अल-हिज्र आयत 63 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिसके बारे में आपकी क़ौम के लोग शक़ रखते थेसूरा आयत 63/99 — सूरा अल-हिज्र الحجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-हिज्र सुनें, सूरा अल-हिज्र अनुवाद, सूरा अल-हिज्र mp3, सूरा अल-हिज्र pdf. आयत 61–65. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 7, 2026
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