Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَمَا أَغْنَىٰ: तो कुछ भी काम न आया, कोई लाभ नहीं पहुँचाया।
- عَنْهُم: उनसे, उनके काम न आया।
- مَّا كَانُوا يَكْسِبُونَ: जो कुछ वे कमाते थे (धन, संपत्ति, बल, और सांसारिक साधन)।
व्याख्या:
जब अल्लाह का आदेश आया और उन पर प्रातःकाल का यातना (पत्थरों की बारिश या भयंकर चीख़) टूट पड़ी, तो उनका सारा धन-दौलत, ऊँचे-ऊँचे पहाड़ों में बने मज़बूत किले, उनकी ताकत, उनकी संख्या, उनके हथियार, और वह सब कुछ जो उन्होंने जीवन भर कमाया और जमा किया था — उनमें से किसी भी चीज़ ने उन्हें अल्लाह की यातना से नहीं बचाया। न उनका धन उनके काम आया, न उनकी शक्ति, न उनके महल और न ही उनकी चतुराई। यह सब कुछ उनके लिए बेकार साबित हुआ और वे पूरी तरह नष्ट कर दिए गए। यह इस बात का सबूत है कि सांसारिक साधन और उपलब्धियाँ अल्लाह की यातना को टालने में असमर्थ हैं।
शिक्षाएँ और लाभ:
- धन-दौलत और सांसारिक साधन अल्लाह की यातना से नहीं बचा सकते — यह एक स्पष्ट सबक है कि इंसान चाहे कितना ही धनवान, शक्तिशाली और साधन-संपन्न क्यों न हो, अल्लाह की पकड़ से बच नहीं सकता। इसलिए इंसान को अपनी ताकत और साधनों पर घमंड नहीं करना चाहिए।
- असली सुरक्षा अल्लाह की राह में है — जो व्यक्ति अल्लाह की आज्ञा का पालन करता है और उसकी राह में अपना धन खर्च करता है, वही वास्तव में सुरक्षित है। सांसारिक संपत्ति का संग्रह नहीं, बल्कि अल्लाह की राह में खर्च करना ही इंसान को यातना से बचा सकता है।
- संसार की चीज़ें क्षणभंगुर हैं — यह आयत हमें याद दिलाती है कि संसार की सारी चीज़ें, चाहे वे कितनी भी बड़ी और मज़बूत क्यों न हों, अंततः नष्ट हो जाने वाली हैं। इसलिए इंसान को अपना भरोसा अल्लाह पर रखना चाहिए, न कि अपनी दौलत और ताकत पर।
- आज्ञाकारिता ही सफलता की कुंजी है — जो लोग अल्लाह के आदेशों का पालन करते हैं, वे सफल होते हैं, चाहे उनके पास सांसारिक साधन कम हों। और जो लोग अल्लाह की अवज्ञा करते हैं, उनके साधन उनके किसी काम नहीं आते।
📜 आयत 82-86 — सूरा अल-हिज्र
अनुवाद — अल-हिज्र 84
सूरा अल-हिज्र आयत 84 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर जो कुछ वह अपनी हिफाज़त की तदबीर किया करते…सूरा आयत 84/99 — सूरा अल-हिज्र الحجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-हिज्र सुनें, सूरा अल-हिज्र अनुवाद, सूरा अल-हिज्र mp3, सूरा अल-हिज्र pdf. आयत 82–86. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-हिज्र
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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