Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- عَدُوًّا (अदुव्वन): शत्रु, दुश्मन
- جِبْرِيلَ (जिब्रील): फ़रिश्ता जिब्रील (अलैहिस्सलाम), जो वह़ी (प्रकाशना) लाने के ज़िम्मेदार हैं
- مِيكَالَ (मीकाल): फ़रिश्ता मीकाइल (अलैहिस्सलाम), जो बारिश और रिज़्क़ (आजीविका) के ज़िम्मेदार हैं
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों के बारे में है जो अल्लाह, उसके फ़रिश्तों और उसके रसूलों से दुश्मनी रखते हैं। ख़ास तौर पर यहूदियों का ज़िक्र है, जिन्होंने कहा था कि जिब्रील (अलैहिस्सलाम) हमारे दुश्मन हैं और मीकाइल (अलैहिस्सलाम) हमारे दोस्त हैं। अल्लाह ने उन्हें जवाब दिया कि जो कोई अल्लाह, उसके फ़रिश्तों और उसके रसूलों में से किसी एक से भी दुश्मनी रखता है, वह दरअसल अल्लाह से दुश्मनी रखता है। जिब्रील और मीकाइल दोनों अल्लाह के नेक और मुक़र्रब (नज़दीकी) फ़रिश्ते हैं। जो इनमें से किसी एक से दुश्मनी रखे, वह दूसरे से भी दुश्मनी रखता है, और जो अल्लाह के फ़रिश्तों से दुश्मनी रखे, वह अल्लाह से दुश्मनी रखता है। फिर अल्लाह ने साफ़ कर दिया कि जो लोग काफ़िर हैं और अल्लाह की भेजी हुई चीज़ों का इनकार करते हैं, अल्लाह उनका दुश्मन है। और जिसका अल्लाह दुश्मन हो, उसका अंजाम सिर्फ़ जहन्नम (नरक) है।
फ़ायदे (लाभ):
- इस आयत से हमें सीख मिलती है कि अल्लाह के नेक बंदों और फ़रिश्तों से मुहब्बत रखना ईमान का हिस्सा है, और उनसे दुश्मनी रखना कुफ़्र की निशानी है।
- जिब्रील (अलैहिस्सलाम) और मीकाइल (अलैहिस्सलाम) जैसे मुक़र्रब फ़रिश्तों का सम्मान करना हमारा ईमानी फ़र्ज़ है, क्योंकि वे अल्लाह के भेजे हुए कामों में लगे हुए हैं।
- यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह अपने बंदों के साथ इंसाफ़ करता है — जो उससे दुश्मनी रखे, वह उसका दुश्मन है, और जो उससे मुहब्बत रखे, वह उसका दोस्त है। अल्लाह की दोस्ती ही असली कामयाबी है।
- मुसलमान को चाहिए कि वह अल्लाह के सभी फ़रिश्तों और रसूलों पर ईमान रखे, बिना किसी भेदभाव के, क्योंकि यही सच्चा ईमान है।
📜 आयत 96-100 — सूरा अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 98
सूरा अल-बकरा आयत 98 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो शख्स ख़ुदा और उसके फरिश्तों और उसके रसूलों और…सूरा आयत 98/286 — सूरा अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बकरा सुनें, सूरा अल-बकरा अनुवाद, सूरा अल-बकरा mp3, सूरा अल-बकरा pdf. आयत 96–100. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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