अश-शुआरा · 153/227
अनुवाद उच्चारण — अश-शुआरा
قَالُوا إِنَّمَا أَنتَ مِنَ الْمُسَحَّرِينَ ۝١٥٣
Qaalooo innamaa anta minal musahhareen
📖 हिंदी अर्थ
वह लोग बोले कि तुम पर तो बस जादू कर दिया गया है (कि ऐसी बातें करते हो)
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • المُسَحَّرِينَ: वह व्यक्ति जिस पर बार-बार जादू किया गया हो, यहाँ तक कि उसका दिमाग़ खराब हो गया हो और उसकी अक़्ल पर जादू का असर छा गया हो।

तफ़सीर:

जब नबी सालिह अलैहिस्सलाम ने अपनी क़ौम समूद को अल्लाह की तौहीद की दावत दी और उन्हें अज़ाब से डराया, तो उनकी क़ौम ने जवाब में ये कहा: "तुम तो बस उन लोगों में से हो जिन पर बहुत ज़्यादा जादू किया गया है।" उनका कहना था कि तुम पर जादू का असर इतना गहरा है कि उसने तुम्हारी अक़्ल को हड़प कर लिया है, और तुम्हें ऐसा लगता है कि तुम अल्लाह के नबी हो। उन्होंने ये भी कहा कि तुम हमारे ही जैसे एक इंसान हो, बनी आदम में से एक आदमी हो, फिर तुम पर रिसालत (पैग़म्बरी) कैसे आ गई? तुम पर कोई ख़ास फ़ज़ीलत क्यों हो गई? इसलिए अगर तुम सच्चे हो, तो कोई ऐसी साफ़ और स्पष्ट निशानी लाओ जो तुम्हारी रिसालत को साबित करे।

ये बातें उन्होंने सिर्फ़ इसलिए कहीं क्योंकि उनके दिलों में हक़ के लिए कोई जगह नहीं थी। वे सच्चाई को मानने के लिए तैयार नहीं थे, इसलिए उन्होंने नबी सालिह को जादूगर और दीवाना कहना शुरू कर दिया। ये उन लोगों की पुरानी आदत है जो हक़ की दावत को दबाना चाहते हैं — वे दावत देने वाले पर इल्ज़ाम लगाते हैं कि ये जादूगर है, ये दीवाना है, ये झूठा है। लेकिन अल्लाह के नबी अपनी दावत में सच्चे और स्पष्ट होते हैं, और अल्लाह उनकी मदद करता है।

इस आयत से हमें ये सबक़ मिलता है कि हक़ की राह पर चलने वालों को हमेशा लोगों की तरफ़ से ताने, इल्ज़ामात और मुख़ालफ़त का सामना करना पड़ता है। लेकिन एक सच्चे मोमिन को अपने ईमान और दावत पर क़ायम रहना चाहिए, क्योंकि अल्लाह का वादा है कि वह अपने नबियों और नेक बंदों की मदद करता है। जैसे नबी सालिह ने सब्र किया और अल्लाह ने उन्हें कामयाबी दी, वैसे ही हर सच्चे दावत देने वाले को अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए। याद रखिए, जो लोग हक़ को झुठलाते हैं, वे आख़िरकार अल्लाह के अज़ाब का सामना करेंगे, जैसा कि समूद की क़ौम के साथ हुआ।

🎧 सुनें

📜 आयत 151-155 — अश-शुआरा

151وَلَا تُطِيعُوا أَمْرَ الْمُسْرِفِينَ
और ज्यादती करने वालों का कहा न मानों
152الَّذِينَ يُفْسِدُونَ فِي الْأَرْضِ وَلَا يُصْلِحُونَ
जो रुए ज़मीन पर फ़साद फैलाया करते हैं और (ख़राबियों की) इसलाह नहीं करते
153قَالُوا إِنَّمَا أَنتَ مِنَ الْمُسَحَّرِينَ
वह लोग बोले कि तुम पर तो बस जादू कर दिया गया है (कि ऐसी बातें करते हो)
154مَا أَنتَ إِلَّا بَشَرٌ مِّثْلُنَا فَأْتِ بِآيَةٍ إِن كُنتَ مِنَ الصَّادِقِينَ
तुम भी तो आख़िर हमारे ही ऐसे आदमी हो पस अगर तुम सच्चे हो तो कोई मौजिज़ा हमारे पास ला (दिखाओ)
155قَالَ هَٰذِهِ نَاقَةٌ لَّهَا شِرْبٌ وَلَكُمْ شِرْبُ يَوْمٍ مَّعْلُومٍ
सालेह ने कहा- यही ऊँटनी (मौजिज़ा) है एक बारी इसके पानी पीने की है और एक मुक़र्रर दिन तुम्हारे पीने का
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अनुवाद — अश-शुआरा 153

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Tuesday, August 18, 2026

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