अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- لَا تَحْزَنْ – उदास मत हो, शोक मत करो
- ضَيْقٍ – तंगी, संकीर्णता, मन की तकलीफ
- يَمْكُرُونَ – वे चालें चलते हैं, साजिश करते हैं
तफसीर:
ऐ नबी! इन मुशरिकों की ओर से आपको जो उदासी और चिंता होती है—जब वे आपकी दावत को झुठलाते हैं, आपकी बात नहीं मानते, और आपके विरुद्ध बुरी योजनाएँ बनाते हैं—तो उसके लिए आप दुखी न हों। यह आपके लिए कोई नई बात नहीं है, बल्कि हर नबी के साथ ऐसा हुआ है। आपका काम केवल पहुँचाना है, हिदायत देना आपके हाथ में नहीं।
और जब ये लोग आपके खिलाफ चालें चलते हैं, आपको नुकसान पहुँचाने की कोशिश करते हैं, तो आपका दिल तंग न हो, आप घबराएँ नहीं। क्योंकि अल्लाह तआला आपकी हिफाज़त करने वाला है, वह आपको इनकी बुराइयों से बचाएगा और आपको इन पर ग़लबा देगा। ये चालें और साजिशें आखिरकार उन्हीं के खिलाफ जाएँगी, और अल्लाह की मदद आपके साथ है।
यह आयत हर उस इंसान के लिए एक बड़ी तसल्ली है जो अल्लाह के दीन की खिदमत करता है। जब कोई सच्चाई पर हो और उसे मुखालिफत का सामना करना पड़े, तो उसे यकीन रखना चाहिए कि अल्लाह उसके साथ है। निराशा और घबराहट शैतान के हथियार हैं, मोमिन का हथियार सब्र और भरोसा है। जो अल्लाह पर भरोसा करता है, अल्लाह उसके लिए हर मुश्किल से निकलने का रास्ता बनाता है और उसे उन लोगों पर कामयाबी देता है जो उसके खिलाफ साजिशें रचते हैं।
याद रखिए, अल्लाह की मदद का वादा सच्चा है। आप सिर्फ अपना काम करते जाइए, सच्चाई पर डटे रहिए, और बुराई करने वालों की चालों से बेपरवाह रहिए। क्योंकि अल्लाह की नज़र में आपकी कोशिशें कभी राईगाँ नहीं जातीं, और वह आपको वह इज़्ज़त और कामयाबी देगा जो दुनिया की कोई ताकत आपसे छीन नहीं सकती।
📜 आयत 68-72 — अन-नमल
अनुवाद — अन-नमल 70
सूरा अन-नमल आयत 70 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम उनके हाल पर कुछ अफ़सोस न करो…सूरा आयत 70/93 — अन-नमल النمل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नमल सुनें, अन-नमल अनुवाद, अन-नमल mp3, अन-नमल pdf. आयत 68–72. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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