आल-इमरान · 163/200
अनुवाद उच्चारण — आल-इमरान
هُمْ دَرَجَاتٌ عِندَ اللَّهِ ۗ وَاللَّهُ بَصِيرٌ بِمَا يَعْمَلُونَ ۝١٦٣
Hum darajaatun `indal laah; wallaahu baseerum bimaa ya`maloon
📖 हिंदी अर्थ
वह लोग खुदा के यहॉ मुख्तलिफ़ दरजों के हैं और जो कुछ वह करते हैं ख़ुदा देख रहा है

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • هُمْ دَرَجَاتٌ: वे लोग (अलग-अलग) स्तरों और पदों वाले हैं।
  • عِندَ اللهِ: अल्लाह के यहाँ (उसके निकट)।
  • بَصِيرٌ: सब कुछ देखने वाला, पूर्ण ज्ञान रखने वाला।

विस्तृत व्याख्या:

यह आयत बताती है कि लोग अल्लाह के यहाँ अपने कर्मों के अनुसार अलग-अलग स्तरों और पदों पर होंगे। जो लोग जन्नत की ओर जाने वाले हैं, वे अपने अच्छे कर्मों और ईमान के अनुसार ऊँचे दर्जों पर होंगे, और उनके दर्जे भी आपस में अलग-अलग होंगे। इसी प्रकार, जो लोग जहन्नम की ओर जाने वाले हैं, वे अपने बुरे कर्मों के अनुसार निचले स्तरों (दरकात) पर होंगे। ये दोनों समूह कभी एक समान नहीं हो सकते। अल्लाह तआला अपने बंदों के सभी कर्मों को पूरी तरह देखता और जानता है, उससे कोई भी कर्म छिपा नहीं है, और वह हर व्यक्ति को उसके कर्मों का पूरा-पूरा बदला देगा। यहाँ "दरजात" का उल्लेख इस बात की ओर संकेत करता है कि अल्लाह के यहाँ न्याय और हिकमत (बुद्धिमत्ता) के साथ हर व्यक्ति को उसकी हैसियत के अनुसार स्थान दिया जाएगा।

आयत से मिलने वाली शिक्षाएँ और लाभ:

  1. यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह के यहाँ न्याय पूर्ण है, और हर व्यक्ति को उसके कर्मों का सटीक बदला मिलेगा। इससे मुसलमान के दिल में अल्लाह का खौफ और उम्मीद दोनों पैदा होते हैं।
  2. यह बताती है कि अच्छे और बुरे कर्म करने वाले कभी बराबर नहीं हो सकते, इसलिए हमें हमेशा अच्छे कर्मों की ओर बढ़ना चाहिए।
  3. अल्लाह की "बसीरत" (देखने की क्षमता) का ज्ञान हमें यह यकीन दिलाता है कि हमारी कोई भी अच्छाई या बुराई अल्लाह से छिपी नहीं है, इसलिए हमें अपने कर्मों में ईमानदारी और नेकनीयती रखनी चाहिए।
  4. यह आयत मुसलमान को यह प्रेरणा देती है कि वह अपने दर्जे को बढ़ाने के लिए अच्छे कर्मों में प्रतिस्पर्धा करे, क्योंकि जन्नत के दर्जे ऊँचे से ऊँचे होते जाते हैं और अल्लाह की रहमत असीम है।


📜 आयत 161-165 — आल-इमरान

161وَمَا كَانَ لِنَبِيٍّ أَن يَغُلَّ ۚ وَمَن يَغْلُلْ يَأْتِ بِمَا غَلَّ يَوْمَ الْقِيَامَةِ ۚ ثُمَّ تُوَفَّىٰ كُلُّ نَفْسٍ مَّا كَسَبَتْ وَهُمْ لَا يُظْلَمُونَ
और (तुम्हारा गुमान बिल्कुल ग़लत है) किसी नबी की (हरगिज़) ये शान नहीं कि ख्यानत करे और ख्यानत करेगा तो जो चीज़ ख्यानत की है क़यामत के दिन वही चीज़ (बिलकुल वैसा ही) ख़ुदा के सामने लाना होगा फिर हर शख्स अपने किए का पूरा पूरा बदला पाएगा और उनकी किसी तरह हक़तल्फ़ी नहीं की जाएगी
162أَفَمَنِ اتَّبَعَ رِضْوَانَ اللَّهِ كَمَن بَاءَ بِسَخَطٍ مِّنَ اللَّهِ وَمَأْوَاهُ جَهَنَّمُ ۚ وَبِئْسَ الْمَصِيرُ
भला जो शख्स ख़ुदा की ख़ुशनूदी का पाबन्द हो क्या वह उस शख्स के बराबर हो सकता है जो ख़ुदा के गज़ब में गिरफ्तार हो और जिसका ठिकाना जहन्नुम है और वह क्या बुरा ठिकाना है
163هُمْ دَرَجَاتٌ عِندَ اللَّهِ ۗ وَاللَّهُ بَصِيرٌ بِمَا يَعْمَلُونَ
वह लोग खुदा के यहॉ मुख्तलिफ़ दरजों के हैं और जो कुछ वह करते हैं ख़ुदा देख रहा है
164لَقَدْ مَنَّ اللَّهُ عَلَى الْمُؤْمِنِينَ إِذْ بَعَثَ فِيهِمْ رَسُولًا مِّنْ أَنفُسِهِمْ يَتْلُو عَلَيْهِمْ آيَاتِهِ وَيُزَكِّيهِمْ وَيُعَلِّمُهُمُ الْكِتَابَ وَالْحِكْمَةَ وَإِن كَانُوا مِن قَبْلُ لَفِي ضَلَالٍ مُّبِينٍ
ख़ुदा ने तो ईमानदारों पर बड़ा एहसान किया कि उनके वास्ते उन्हीं की क़ौम का एक रसूल भेजा जो उन्हें खुदा की आयतें पढ़ पढ़ के सुनाता है और उनकी तबीयत को पाकीज़ा करता है और उन्हें किताबे (ख़ुदा) और अक्ल की बातें सिखाता है अगरचे वह पहले खुली हुई गुमराही में पडे थे
165أَوَلَمَّا أَصَابَتْكُم مُّصِيبَةٌ قَدْ أَصَبْتُم مِّثْلَيْهَا قُلْتُمْ أَنَّىٰ هَٰذَا ۖ قُلْ هُوَ مِنْ عِندِ أَنفُسِكُمْ ۗ إِنَّ اللَّهَ عَلَىٰ كُلِّ شَيْءٍ قَدِيرٌ
मुसलमानों क्या जब तुमपर (जंगे ओहद) में वह मुसीबत पड़ी जिसकी दूनी मुसीबत तुम (कुफ्फ़ार पर) डाल चुके थे तो (घबरा के) कहने लगे ये (आफ़त) कहॉ से आ गयी (ऐ रसूल) तुम कह दो कि ये तो खुद तुम्हारी ही तरफ़ से है (न रसूल की मुख़ालेफ़त करते न सज़ा होती) बेशक ख़ुदा हर चीज़ पर क़ादिर है
आल-इमरानकुरान सूची
200आयत
मदनीRevelation
163आयत

अनुवाद — आल-इमरान 163

सूरा आल-इमरान आयत 163 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह लोग खुदा के यहॉ मुख्तलिफ़ दरजों के हैं और…

सूरा आयत 163/200 — आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: आल-इमरान सुनें, आल-इमरान अनुवाद, आल-इमरान mp3, आल-इमरान pdf. आयत 161–165. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए