अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَوَقَعَ الْحَقُّ: सत्य प्रकट हो गया, सच्चाई ज़ाहिर हो गई।
- وَبَطَلَ: व्यर्थ और निष्फल हो गया।
- مَا كَانُوا يَعْمَلُونَ: वह सब जो वे (जादूगर) कर रहे थे, अर्थात् उनका जादू और उनकी करतूतें।
व्याख्या:
जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अपनी लाठी डाली, तो वह एक बड़ा अज़दहा (साँप) बन गई और उसने जादूगरों की सारी रस्सियों और लाठियों को निगल लिया। उसी क्षण सत्य प्रकट हो गया और यह सबके सामने स्पष्ट हो गया कि मूसा (अलैहिस्सलाम) सच्चे नबी हैं और उनका मामला अल्लाह की ओर से है। उनका जादू नहीं, बल्कि चमत्कार (मोजिज़ा) था। जो कुछ जादूगर कर रहे थे—उनका जादू, उनका धोखा और उनका झूठा दिखावा—वह सब बातिल हो गया और उनकी सारी मेहनत अकारथ चली गई। यह घटना फ़िरऔन और उसकी क़ौम के सामने ऐसे वक़्त हुई जब सभी लोग देख रहे थे, और इससे यह साबित हो गया कि हक़ (सत्य) हमेशा बुलंद होता है और बातिल (असत्य) मिट जाता है।
फ़ायदे:
- इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि सत्य चाहे कितनी भी देर से प्रकट हो, अंततः वही जीतता है और झूठ चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न लगे, वह मिट जाता है।
- यह अल्लाह पर भरोसे की ताक़त सिखाती है—जब सच्चाई के साथ होते हैं, तो अल्लाह की मदद ज़रूर आती है, भले ही विरोधी कितने भी ताकतवर क्यों न हों।
- यह घटना हमें यह भी बताती है कि जादू, धोखा और दिखावा कितना भी प्रभावशाली लगे, वह हक़ के सामने टिक नहीं सकता। इसलिए इंसान को हमेशा सच्चाई और ईमान का रास्ता अपनाना चाहिए।
- यह आयत मुसलमानों के लिए एक प्यारा संदेश है कि अल्लाह की राह में की गई मेहनत और सब्र का फल हमेशा अच्छा होता है, और अल्लाह अपने नेक बंदों की मदद करता है, चाहे हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों।
📜 आयत 116-120 — अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 118
सूरा अल-आराफ आयत 118 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : अल किस्सा हक़ बात तो जम के बैठी और उनकी…सूरा आयत 118/206 — अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आराफ सुनें, अल-आराफ अनुवाद, अल-आराफ mp3, अल-आराफ pdf. आयत 116–120. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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