अल-आराफ · 118/206
अनुवाद उच्चारण — अल-आराफ
فَوَقَعَ الْحَقُّ وَبَطَلَ مَا كَانُوا يَعْمَلُونَ ۝١١٨
Fawaqa`al haqqu wa batala maa kaanoo ya`maloon
📖 हिंदी अर्थ
अल किस्सा हक़ बात तो जम के बैठी और उनकी सारी कारस्तानी मटियामेट हो गई
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • فَوَقَعَ الْحَقُّ: सत्य प्रकट हो गया, सच्चाई ज़ाहिर हो गई।
  • وَبَطَلَ: व्यर्थ और निष्फल हो गया।
  • مَا كَانُوا يَعْمَلُونَ: वह सब जो वे (जादूगर) कर रहे थे, अर्थात् उनका जादू और उनकी करतूतें।

व्याख्या:

जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अपनी लाठी डाली, तो वह एक बड़ा अज़दहा (साँप) बन गई और उसने जादूगरों की सारी रस्सियों और लाठियों को निगल लिया। उसी क्षण सत्य प्रकट हो गया और यह सबके सामने स्पष्ट हो गया कि मूसा (अलैहिस्सलाम) सच्चे नबी हैं और उनका मामला अल्लाह की ओर से है। उनका जादू नहीं, बल्कि चमत्कार (मोजिज़ा) था। जो कुछ जादूगर कर रहे थे—उनका जादू, उनका धोखा और उनका झूठा दिखावा—वह सब बातिल हो गया और उनकी सारी मेहनत अकारथ चली गई। यह घटना फ़िरऔन और उसकी क़ौम के सामने ऐसे वक़्त हुई जब सभी लोग देख रहे थे, और इससे यह साबित हो गया कि हक़ (सत्य) हमेशा बुलंद होता है और बातिल (असत्य) मिट जाता है।

फ़ायदे:

  • इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि सत्य चाहे कितनी भी देर से प्रकट हो, अंततः वही जीतता है और झूठ चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न लगे, वह मिट जाता है।
  • यह अल्लाह पर भरोसे की ताक़त सिखाती है—जब सच्चाई के साथ होते हैं, तो अल्लाह की मदद ज़रूर आती है, भले ही विरोधी कितने भी ताकतवर क्यों न हों।
  • यह घटना हमें यह भी बताती है कि जादू, धोखा और दिखावा कितना भी प्रभावशाली लगे, वह हक़ के सामने टिक नहीं सकता। इसलिए इंसान को हमेशा सच्चाई और ईमान का रास्ता अपनाना चाहिए।
  • यह आयत मुसलमानों के लिए एक प्यारा संदेश है कि अल्लाह की राह में की गई मेहनत और सब्र का फल हमेशा अच्छा होता है, और अल्लाह अपने नेक बंदों की मदद करता है, चाहे हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों।
🎧 सुनें

📜 आयत 116-120 — अल-आराफ

116قَالَ أَلْقُوا ۖ فَلَمَّا أَلْقَوْا سَحَرُوا أَعْيُنَ النَّاسِ وَاسْتَرْهَبُوهُمْ وَجَاءُوا بِسِحْرٍ عَظِيمٍ
मूसा ने कहा (अच्छा पहले) तुम ही फेक (के अपना हौसला निकालो) तो तब जो ही उन लोगों ने (अपनी रस्सियाँ) डाली तो लोगों की नज़र बन्दी कर दी (कि सब सापँ मालूम होने लगे) और लोगों को डरा दिया
117۞ وَأَوْحَيْنَا إِلَىٰ مُوسَىٰ أَنْ أَلْقِ عَصَاكَ ۖ فَإِذَا هِيَ تَلْقَفُ مَا يَأْفِكُونَ
और उन लोगों ने बड़ा (भारी जादू दिखा दिया और हमने मूसा के पास वही भेजी कि (बैठे क्या हो) तुम भी अपनी छड़ी डाल दो तो क्या देखते हैं कि वह छड़ी उनके बनाए हुए (झूठे साँपों को) एक एक करके निगल रही है
118فَوَقَعَ الْحَقُّ وَبَطَلَ مَا كَانُوا يَعْمَلُونَ
अल किस्सा हक़ बात तो जम के बैठी और उनकी सारी कारस्तानी मटियामेट हो गई
119فَغُلِبُوا هُنَالِكَ وَانقَلَبُوا صَاغِرِينَ
पस फिरऔन और उसके तरफदार सब के सब इस अखाड़े मे हारे और ज़लील व रूसवा हो के पलटे
120وَأُلْقِيَ السَّحَرَةُ سَاجِدِينَ
और जादूगर सब मूसा के सामने सजदे में गिर पड़े
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अनुवाद — अल-आराफ 118

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Tuesday, August 18, 2026

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