Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- أَدْبَرَ: पीठ फेर ली, मुँह मोड़ लिया।
- وَاسْتَكْبَرَ: घमंड किया, बड़प्पन दिखाया, सत्य को स्वीकार करने से इनकार किया।
तफ़सीर:
इस आयत में उस व्यक्ति की हालत का वर्णन किया गया है जो सत्य को सुनकर भी उसे स्वीकार नहीं करता। उसने पहले सोच-विचार करके झूठे आरोप गढ़े, फिर जब उसे कोई ठोस दलील न मिली तो वह सत्य से मुँह मोड़ गया। उसने पीठ फेर ली और घमंड में आकर सत्य को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
यह उस व्यक्ति का हाल है जिसने अपने अहंकार और घमंड की वजह से रसूलुल्लाह ﷺ की सच्ची शिक्षा को नहीं माना। उसने न केवल सत्य से मुँह मोड़ा बल्कि अपने आपको बड़ा समझा और यह गर्व किया कि वह एक साधारण इंसान की बात क्यों माने। यह घमंड ही था जिसने उसे ईमान लाने से रोका।
इस आयत से हमें सबक मिलता है कि घमंड और अहंकार इंसान को सत्य से दूर कर देता है। जब इंसान अपने आपको बड़ा समझने लगता है तो वह सत्य को स्वीकार नहीं कर पाता, चाहे सत्य कितना ही स्पष्ट क्यों न हो। अल्लाह तआला हमें घमंड से बचाए और सत्य को स्वीकार करने की तौफ़ीक़ दे।
याद रखिए, सच्चा इंसान वही है जो सत्य को सुनते ही उसे स्वीकार कर ले, चाहे वह किसी से भी आए। घमंड इंसान की सबसे बड़ी कमज़ोरी है जो उसे जहन्नम तक ले जाती है। अल्लाह हमें इस बीमारी से महफ़ूज़ रखे। आमीन।
📜 आयत 21-25 — सूरा अल-मुद्दस्सिर
अनुवाद — अल-मुद्दस्सिर 23
सूरा अल-मुद्दस्सिर आयत 23 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर पीठ फेर कर चला गया और अकड़ बैठासूरा आयत 23/56 — सूरा अल-मुद्दस्सिर المدثر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-मुद्दस्सिर सुनें, सूरा अल-मुद्दस्सिर अनुवाद, सूरा अल-मुद्दस्सिर mp3, सूरा अल-मुद्दस्सिर pdf. आयत 21–25. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-मुद्दस्सिर
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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