यूनुस · 80/109
अनुवाद उच्चारण — सूरा यूनुस
فَلَمَّا جَاءَ السَّحَرَةُ قَالَ لَهُم مُّوسَىٰ أَلْقُوا مَا أَنتُم مُّلْقُونَ ۝٨٠
Falammaa jaaa`assa haratu qaala lahum Moosaaa alqoo maaa antum mulqoon
📖 हिंदी अर्थ
फिर जब जादूगर लोग (मैदान में) आ मौजूद हुए तो मूसा ने उनसे कहा कि तुमको जो कुछ फेंकना हो फेंको

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • السَّحَرَةُ: जादूगर।
  • أَلْقُوا: फेंक दो, डाल दो।
  • مَا أَنتُم مُّلْقُونَ: जो कुछ तुम फेंकने वाले हो (अर्थात् तुम्हारे पास जो सामान है)।

तफ़सीर:

जब फ़िरऔन के बुलाए हुए जादूगर मूसा (अलैहिस्सलाम) के सामने पहुँचे, तो मूसा (अलैहिस्सलाम) ने उनसे कहा: "तुम जो कुछ फेंकना चाहते हो, फेंक दो।" यानी उन्होंने अपनी रस्सियाँ और लाठियाँ ज़मीन पर डाल दीं। मूसा (अलैहिस्सलाम) ने यह बात पूरे भरोसे और साहस के साथ कही, क्योंकि उन्हें अपने रब की मदद पर पूरा यक़ीन था। वे जानते थे कि सच्चाई की ताक़त झूठ और जादू के मुक़ाबले में हमेशा बुलंद रहती है। उन्होंने जादूगरों को पूरी आज़ादी दी कि वे अपनी तरफ़ से जो चाहें करें, क्योंकि उन्हें अपने ईमान और अपने रब की ताईद पर कोई शक नहीं था। यह एक ऐसा दृश्य था जहाँ हक़ और बातिल का सीधा मुक़ाबला होने वाला था, और मूसा (अलैहिस्सलाम) ने इस मुक़ाबले में अपनी पूरी तैयारी और यक़ीन का इज़हार किया।

फ़ायदे:

  1. हक़ पर भरोसा: मूसा (अलैहिस्सलाम) का यह क़ौल हमें सिखाता है कि जब हम सच्चाई और हक़ पर होते हैं, तो हमें किसी भी मुक़ाबले से डरना नहीं चाहिए। अल्लाह की मदद सच्चे लोगों के साथ होती है।
  2. दुश्मन को जवाब देने का साहस: यह आयत हमें सिखाती है कि बातिल की ताक़त चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, हक़ के सामने वह कमज़ोर है। हमें अपने ईमान पर मज़बूती से क़ायम रहना चाहिए।
  3. तवक्कुल अलल्लाह: मूसा (अलैहिस्सलाम) का यक़ीन हमें सिखाता है कि मुश्किल घड़ी में अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए, क्योंकि वही सबसे बड़ा मददगार है।
  4. इस्लाम की ताक़त: यह वाक़या बताता है कि इस्लाम और ईमान की रोशनी किसी भी जादू या झूठ को मात दे सकती है। जो लोग अल्लाह पर भरोसा करते हैं, उन्हें कभी हार नहीं होती।


📜 आयत 78-82 — सूरा यूनुस

78قَالُوا أَجِئْتَنَا لِتَلْفِتَنَا عَمَّا وَجَدْنَا عَلَيْهِ آبَاءَنَا وَتَكُونَ لَكُمَا الْكِبْرِيَاءُ فِي الْأَرْضِ وَمَا نَحْنُ لَكُمَا بِمُؤْمِنِينَ
वह लोग कहने लगे कि (ऐ मूसा) क्यों तुम हमारे पास उस वास्ते आए हो कि जिस दीन पर हमने अपने बाप दादाओं को पाया उससे तुम हमे बहका दो और सारी ज़मीन में ही दोनों की बढ़ाई हो और ये लोग तुम दोनों पर ईमान लाने वाले नहीं
79وَقَالَ فِرْعَوْنُ ائْتُونِي بِكُلِّ سَاحِرٍ عَلِيمٍ
और फिरऔन ने हुक्म दिया कि हमारे हुज़ूर में तमाम खिलाड़ी (वाक़िफकार) जादूगर को तो ले आओ
80فَلَمَّا جَاءَ السَّحَرَةُ قَالَ لَهُم مُّوسَىٰ أَلْقُوا مَا أَنتُم مُّلْقُونَ
फिर जब जादूगर लोग (मैदान में) आ मौजूद हुए तो मूसा ने उनसे कहा कि तुमको जो कुछ फेंकना हो फेंको
81فَلَمَّا أَلْقَوْا قَالَ مُوسَىٰ مَا جِئْتُم بِهِ السِّحْرُ ۖ إِنَّ اللَّهَ سَيُبْطِلُهُ ۖ إِنَّ اللَّهَ لَا يُصْلِحُ عَمَلَ الْمُفْسِدِينَ
फिर जब वह लोग (रस्सियों को साँप बनाकर) डाल चुके तू मूसा ने कहा जो कुछ तुम (बनाकर) लाए हो (वह तो सब) जादू है-इसमें तो शक़ ही नहीं कि ख़ुदा उसे फौरन मिटियामेट कर देगा (क्योंकर) ख़ुदा तो हरगिज़ मफ़सिदों (फसाद करने वालों) का काम दुरुस्त नहीं होने देता
82وَيُحِقُّ اللَّهُ الْحَقَّ بِكَلِمَاتِهِ وَلَوْ كَرِهَ الْمُجْرِمُونَ
और ख़ुदा सच्ची बात को अपने कलाम की बरकत से साबित कर दिखाता है अगरचे गुनाहगारों को ना गॅवार हो
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80आयत

अनुवाद — यूनुस 80

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Thursday, October 1, 2026

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