अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَوَلَمْ نَنْهَكَ: क्या हमने तुम्हें मना नहीं किया था?
- عَنِ الْعَالَمِينَ: सारे लोगों (को पनाह देने) से। यहाँ "العالمين" से आशय उन सभी लोगों से है जो उनके शहर से गुज़रते थे।
तफ़सीर:
जब हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम की बुराइयों का विरोध किया और उन्हें रोका, तो उनकी क़ौम ने उनसे कहा: "क्या हमने तुम्हें मना नहीं किया था कि तुम किसी भी आने-जाने वाले को पनाह न दो, उसे अपने पास न रखो और उसकी मेहमाननवाज़ी न करो?" यह बात उन्होंने इसलिए कही क्योंकि उनकी क़ौम में बुरी फ़ितरत (प्रवृत्ति) थी और वे आने-जाने वाले मुसाफ़िरों के साथ बुरे काम करते थे। हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) जब भी किसी मुसाफ़िर को देखते, तो उसे अपनी पनाह में ले लेते और उन बुरे लोगों से बचाते थे। इसलिए उनकी क़ौम ने उन्हें इस काम से रोका था और अब जब उन्होंने फिर से मेहमानों को पनाह दी, तो उन्होंने नाराज़गी और डाँट के साथ यह बात कही।
फ़ायदे:
- इस आयत से पता चलता है कि नेक और सच्चे लोग हमेशा बुराई के खिलाफ खड़े होते हैं, चाहे उन्हें कितनी भी मुश्किलों का सामना करना पड़े। हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम के दबाव के बावजूद सच्चाई और अच्छाई का साथ नहीं छोड़ा।
- मेहमाननवाज़ी और दूसरों की मदद करना एक बहुत बड़ा गुण है, और यह अल्लाह के नेक बंदों की पहचान है। हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) ने इस गुण को अपनाया और अपनी क़ौम के विरोध के बावजूद उस पर क़ायम रहे।
- बुराई और अश्लीलता को रोकना और उसके खिलाफ आवाज़ उठाना हर नेक इंसान का फ़र्ज़ है, चाहे इसके लिए उसे कितनी ही तकलीफें क्यों न उठानी पड़ें।
- यह आयत हमें सिखाती है कि जब हम किसी नेक काम पर हों, तो लोगों की बातों और डाँट-फटकार से नहीं डरना चाहिए, बल्कि अल्लाह की रज़ा (प्रसन्नता) को सामने रखकर काम करते रहना चाहिए।
📜 आयत 68-72 — अल-हिज्र
अनुवाद — अल-हिज्र 70
सूरा अल-हिज्र आयत 70 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह लोग कहने लगे क्यों जी हमने तुम को सारे…सूरा आयत 70/99 — अल-हिज्र الحجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हिज्र सुनें, अल-हिज्र अनुवाद, अल-हिज्र mp3, अल-हिज्र pdf. आयत 68–72. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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