अल-हिज्र · 69/99
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-हिज्र
وَاتَّقُوا اللَّهَ وَلَا تُخْزُونِ ۝٦٩
Wattaqul laaha wa laa tukhzoon
📖 हिंदी अर्थ
और ख़ुदा से डरो और मुझे ज़लील न करो

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • وَاتَّقُوا اللَّهَ: अल्लाह से डरो और उसकी अवज्ञा से बचो।
  • وَلَا تُخْزُونِ: मुझे अपमानित मत करो, मुझे रुसवा मत करो।

तफ़सीर:

हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम से कहा: ये लोग मेरे मेहमान हैं और मेरी पनाह में हैं। इन्हें छेड़ना मेरे लिए बड़ी रुसवाई और ज़िल्लत का कारण होगा। इसलिए अल्लाह से डरो और उसकी नाफ़रमानी से बचो, और इस घिनौने काम (बदकारी) से इन्हें न छेड़ो, वरना तुम मुझे अपमानित कर दोगे। क्योंकि जिस इंसान के मेहमान की बेइज़्ज़ती की जाए, उसकी अपनी बेइज़्ज़ती होती है। यह नसीहत उन्होंने इसलिए की ताकि वे अल्लाह के अज़ाब से डरें और अपनी शर्मनाक हरकत से बाज़ आएँ।

फ़ायदे:

  1. मेहमान की इज़्ज़त करना और उसकी हिफ़ाज़त करना हर मुसलमान का फ़र्ज़ है, और यह नेकी का बड़ा काम है।
  2. अल्लाह का डर इंसान को बुरे कामों से रोकता है और समाज में अमन व सलामती लाता है।
  3. किसी की बेइज़्ज़ती करना, ख़ासकर नेक और मेहमान लोगों की, अल्लाह के अज़ाब का सबब बनता है।
  4. पैग़म्बरों की शान और उनकी उम्मत की हिफ़ाज़त अल्लाह के करीब होने का ज़रिया है।


📜 आयत 67-71 — सूरा अल-हिज्र

67وَجَاءَ أَهْلُ الْمَدِينَةِ يَسْتَبْشِرُونَ
और (ये बात हो रही थीं कि) शहर के लोग (मेहमानों की ख़बर सुन कर बुरी नीयत से) खुशियाँ मनाते हुए आ पहुँचे
68قَالَ إِنَّ هَٰؤُلَاءِ ضَيْفِي فَلَا تَفْضَحُونِ
लूत ने (उनसे कहा) कि ये लोग मेरे मेहमान है तो तुम (इन्हें सताकर) मुझे रुसवा बदनाम न करो
69وَاتَّقُوا اللَّهَ وَلَا تُخْزُونِ
और ख़ुदा से डरो और मुझे ज़लील न करो
70قَالُوا أَوَلَمْ نَنْهَكَ عَنِ الْعَالَمِينَ
वह लोग कहने लगे क्यों जी हमने तुम को सारे जहाँन के लोगों (के आने) की मनाही नहीं कर दी थी
71قَالَ هَٰؤُلَاءِ بَنَاتِي إِن كُنتُمْ فَاعِلِينَ
लूत ने कहा अगर तुमको (ऐसा ही) करना है तो ये मेरी क़ौम की बेटियाँ मौजूद हैं
अल-हिज्रकुरान सूची
99आयत
मक्कीअवतरण स्थान
69आयत

अनुवाद — अल-हिज्र 69

सूरा अल-हिज्र आयत 69 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ख़ुदा से डरो और मुझे ज़लील न करो

सूरा आयत 69/99 — सूरा अल-हिज्र الحجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-हिज्र सुनें, सूरा अल-हिज्र अनुवाद, सूरा अल-हिज्र mp3, सूरा अल-हिज्र pdf. आयत 67–71. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Friday, October 2, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए