अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَطَّلَعَ الْغَيْبَ: क्या उसने ग़ैब (छिपी हुई बात) को जान लिया या उस पर नज़र डाल ली?
- عَهْدًا: वादा या प्रतिज्ञा।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उस व्यक्ति की निंदा में उतरी है जो यह दावा करता था कि उसे आख़िरत में धन और संतान मिलेंगे। अल्लाह तआला इस पर प्रश्नवाचक अंदाज़ में फ़रमाता है: क्या उस व्यक्ति ने ग़ैब (छिपे हुए ज्ञान) को देख लिया है कि वह ऐसी बातें कर रहा है? यानी क्या उसे लौह-ए-महफ़ूज़ का ज्ञान प्राप्त है कि वह निश्चित रूप से कह रहा है कि उसे यह सब मिलेगा? या फिर उसने रहमान (अल्लाह) से कोई वादा ले लिया है कि उसे ये चीज़ें दी जाएंगी?
यह आयत उन लोगों की बात का खंडन करती है जो बिना किसी प्रमाण के आख़िरत के बारे में झूठे दावे करते हैं। अल्लाह तआला स्पष्ट करता है कि ग़ैब का ज्ञान केवल अल्लाह के पास है, और कोई व्यक्ति उसके पास से कोई वादा प्राप्त किए बिना ऐसी बातें नहीं कह सकता। यह उन लोगों के लिए एक कड़ी चेतावनी है जो अल्लाह पर झूठ बांधते हैं या उसके बारे में बिना ज्ञान के बातें करते हैं।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि हमें अपने जीवन में केवल अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए और उससे ही अपनी आवश्यकताओं की माँग करनी चाहिए। अल्लाह रहमान है, दयालु है, और वह अपने बंदों को उनकी नेकियों के अनुसार पुरस्कृत करता है। हमें कभी भी बिना प्रमाण के झूठे दावे नहीं करने चाहिए, बल्कि अल्लाह की इबादत करनी चाहिए और उसकी रहमत की उम्मीद रखनी चाहिए। याद रखें, अल्लाह ने हमें क़ुरआन और सुन्नत के माध्यम से सच्चा रास्ता दिखाया है, और जो कोई इस पर चलेगा, वह दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब होगा। अल्लाह से सच्चा वादा यह है कि वह अपने नेक बंदों को जन्नत से नवाज़ेगा, और यह वादा उसने अपनी रहमत से किया है।
📜 आयत 76-80 — मरियम
अनुवाद — मरियम 78
सूरा मरियम आयत 78 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्या उसे ग़ैब का हाल मालूम हो गया है या…सूरा आयत 78/98 — मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: मरियम सुनें, मरियम अनुवाद, मरियम mp3, मरियम pdf. आयत 76–80. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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