अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- فَادَّارَأْتُمْ: तुमने आपस में झगड़ा किया, एक-दूसरे पर आरोप लगाए और हर एक ने अपनी ओर से इल्ज़ाम हटाने की कोशिश की।
- مُخْرِجٌ: प्रकट करने वाला, बाहर निकालने वाला।
- تَكْتُمُونَ: छिपाते थे, गुप्त रखते थे।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ ईसराइल की संतानो! उस समय को याद करो जब तुमने एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी, फिर उस हत्या के मामले में तुम आपस में झगड़ने लगे। हर एक अपनी बेगुनाही साबित करने की कोशिश करता और दोष दूसरे पर मढ़ने की कोशिश करता। तुमने उस मासूम इंसान को मार डाला, लेकिन जब पूछताछ हुई तो कोई भी अपना जुर्म कबूल करने को तैयार नहीं था। तुम लोगों ने यह सोचा था कि यह राज़ हमेशा छिपा रहेगा, लेकिन अल्लाह तआला को तुम्हारे सारे भेद मालूम थे। वह उस हत्या के असली कातिल को प्रकट करने वाला था, चाहे तुम कितना ही छिपाने की कोशिश कर लो। अल्लाह ने अपनी क़ुदरत से उस हत्या का राज़ खोल दिया और सच्चाई सामने आ गई, जैसा कि आगे की आयत में बयान होगा कि उन्होंने एक गाय ज़बह करने का हुक्म दिया और उसके एक टुकड़े से मुर्दे को ज़िंदा करके असली कातिल का पता चला।
फ़ायदे (सबक):
- अल्लाह तआला हर छिपे राज़ को जानता है, चाहे इंसान कितनी ही चालाकी से अपने जुर्म को छिपाने की कोशिश करे। यह हमें सिखाता है कि हमें हमेशा सच्चाई पर चलना चाहिए और कभी झूठ या धोखे का सहारा नहीं लेना चाहिए।
- हत्या एक बहुत बड़ा गुनाह है, और इस्लाम में किसी मासूम की जान लेना सख्त मना है। यह आयत हमें इंसानी ज़िंदगी की अहमियत और उसके सम्मान का सबक देती है।
- जब इंसान गलती कर बैठता है, तो उसे चाहिए कि वह अल्लाह से तौबा करे और सच्चाई कबूल करे, क्योंकि अल्लाह के सामने झूठ और छिपाव कभी काम नहीं आता।
- अल्लाह की क़ुदरत और उसके इंसाफ़ का यह नमूना है कि वह हर हाल में सच्चाई को ज़ाहिर करके रहेगा, इसलिए हमें अल्लाह के फैसले पर भरोसा रखना चाहिए और उसकी राह पर चलना चाहिए।
📜 आयत 70-74 — अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 72
सूरा अल-बकरा आयत 72 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जब एक शख्स को मार डाला और तुममें उसकी…सूरा आयत 72/286 — अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बकरा सुनें, अल-बकरा अनुवाद, अल-बकरा mp3, अल-बकरा pdf. आयत 70–74. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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