अश-शुआरा · 81/227
अनुवाद उच्चारण — सूरा अश-शुआरा
وَالَّذِي يُمِيتُنِي ثُمَّ يُحْيِينِ ۝٨١
Wallazee yumeetunee summa yuhyeen
📖 हिंदी अर्थ
और वह वही हेै जो मुझे मार डालेगा और उसके बाद (फिर) मुझे ज़िन्दा करेगा

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يُمِيتُنِي: मुझे मृत्यु देता है।
  • ثُمَّ يُحْيِينِ: फिर मुझे जीवित करेगा।

तफ़सीर (व्याख्या):

हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम अपनी क़ौम को सम्बोधित करते हुए फ़रमा रहे हैं कि जिन मूर्तियों की तुम पूजा करते हो, वे न तो किसी को मार सकती हैं और न जीवित कर सकती हैं। वे न तो लाभ पहुँचा सकती हैं और न हानि। उनकी कोई शक्ति नहीं है। लेकिन मेरा रब, जो सारे जहान का पालनकर्ता है, वही मुझे जीवन देता है, वही मुझे मारता है और वही मुझे दोबारा जीवित करेगा। यह उसकी कुदरत (शक्ति) का एक बड़ा प्रमाण है कि वह मुझे मौत देता है और फिर क़यामत के दिन मुझे दोबारा उठाएगा। यह केवल अल्लाह ही कर सकता है, कोई और नहीं।

यह आयत हमें सिखाती है कि मृत्यु और जीवन दोनों अल्लाह के हाथ में हैं। जब हम यह यक़ीन कर लें कि हमारी मौत और हमारी ज़िंदगी अल्लाह के इख़्तियार में है, तो हमारा दिल उसी की तरफ़ मुड़ जाता है। हमें किसी इंसान, किसी मूर्ति या किसी और चीज़ से डरने या उम्मीद रखने की ज़रूरत नहीं। अल्लाह ही हमारा रक्षक है, वही हमें मौत देगा और वही हमें दोबारा ज़िंदा करेगा। यही हमारे ईमान की बुनियाद है।

इस आयत से हमें यह भी सबक़ मिलता है कि मौत के बाद ज़िंदगी ज़रूर आएगी। जो लोग इस पर शक करते हैं, वे अल्लाह की कुदरत को नहीं समझते। जिसने पहली बार पैदा किया, वह दोबारा पैदा करने पर भी क़ादिर है। यह हमारे लिए बहुत बड़ी ख़ुशख़बरी है कि मौत अंत नहीं है, बल्कि एक नई ज़िंदगी की शुरुआत है। उस दिन हम अपने रब के सामने खड़े होंगे और अपने अच्छे कर्मों का फल पाएँगे। इसलिए हमें चाहिए कि इस ज़िंदगी में अल्लाह की इबादत करें, उसके हुक्मों पर चलें और उसकी रहमत की उम्मीद रखें। यही वह रास्ता है जो हमें जन्नत की तरफ़ ले जाएगा।



📜 आयत 79-83 — सूरा अश-शुआरा

79وَالَّذِي هُوَ يُطْعِمُنِي وَيَسْقِينِ
और वह शख्स जो मुझे (खाना) खिलाता है और मुझे (पानी) पिलाता है
80وَإِذَا مَرِضْتُ فَهُوَ يَشْفِينِ
और जब बीमार पड़ता हूँ तो वही मुझे शिफा इनायत फरमाता है
81وَالَّذِي يُمِيتُنِي ثُمَّ يُحْيِينِ
और वह वही हेै जो मुझे मार डालेगा और उसके बाद (फिर) मुझे ज़िन्दा करेगा
82وَالَّذِي أَطْمَعُ أَن يَغْفِرَ لِي خَطِيئَتِي يَوْمَ الدِّينِ
और वह वही है जिससे मै उम्मीद रखता हूँ कि क़यामत के दिन मेरी ख़ताओं को बख्श देगा
83رَبِّ هَبْ لِي حُكْمًا وَأَلْحِقْنِي بِالصَّالِحِينَ
परवरदिगार मुझे इल्म व फहम अता फरमा और मुझे नेकों के साथ शामिल कर
अश-शुआराकुरान सूची
227आयत
मक्कीअवतरण स्थान
81आयत

अनुवाद — अश-शुआरा 81

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Saturday, October 3, 2026

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