Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَامْتَازُوا: अलग हो जाओ, जुदा हो जाओ, एक तरफ हट जाओ।
- الْيَوْمَ: आज, अर्थात क़ियामत के दिन।
- الْمُجْرِمُونَ: अपराधी, गुनाहगार, जिन्होंने कुफ़्र और शिर्क का अपराध किया।
तफ़सीर (व्याख्या):
उस महान दिन, जब सारे इंसान अपने रब के सामने हाज़िर होंगे, अल्लाह तआला की ओर से मुजरिमों (अपराधियों) को पुकारा जाएगा: "आज तुम अलग हो जाओ, ऐ अपराधियों!" यानी उन्हें हुक्म दिया जाएगा कि वे मोमिनीन (ईमानवालों) से जुदा होकर एक तरफ खड़े हो जाएं, क्योंकि उनका हाल, उनके अक़ीदे और उनका अंजाम मोमिनीन से बिल्कुल अलग है। जिस तरह दुनिया में वे ईमानवालों की राह से भटके हुए थे और उनके साथ नहीं थे, उसी तरह आज भी उन्हें उनसे अलग कर दिया जाएगा। यह अलगाव सिर्फ जिस्मानी नहीं होगा, बल्कि उनके दिल, उनके चेहरे और उनके हालात सब कुछ मोमिनीन से मुख़्तलिफ़ होंगे। मोमिनीन के चेहरे नूरानी होंगे और उनके दिल सुकून से भरे होंगे, जबकि मुजरिमों के चेहरे सियाह और उनके दिल खौफ़ से भरे होंगे।
यह वो लम्हा होगा जब सच्चाई बिल्कुल साफ़ हो जाएगी और हर शख्स अपने किए का अंजाम देख लेगा। यह अलगाव उनके लिए सबसे बड़ी रुसवाई और शर्मिंदगी का कारण होगा, क्योंकि सारे लोगों के सामने उन्हें जुदा किया जाएगा और उनकी पहचान कराई जाएगी कि ये हैं वो लोग जिन्होंने अपने रब की नाफ़रमानी की और उसके रसूलों को झुठलाया।
दावती पहलू:
यह आयत हमारे लिए एक बहुत बड़ी नसीहत है। अगर हम दुनिया में अपने रब की इबादत से मुंह मोड़ लें और अपने गुनाहों पर अड़े रहें, तो उस दिन हमें भी इसी तरह अलग किया जा सकता है। लेकिन अल्लाह तआला बड़ा मेहरबान है, उसने हमें मौका दिया है कि हम आज अपनी ज़िंदगी को सुधार लें। आज हमें चाहिए कि हम ईमानवालों के साथ रहें, उनकी राह पर चलें, नेकियाँ करें और गुनाहों से बचें, ताकि उस दिन हमें मुजरिमों के साथ खड़ा न होना पड़े, बल्कि हम उन लोगों में शामिल हों जिनके चेहरे नूरानी होंगे और जिन्हें जन्नत की खुशखबरी दी जाएगी। याद रखिए, यह जुदाई उस दिन की है, लेकिन आज हम खुद तय कर सकते हैं कि हम किस गिरोह के साथ रहना चाहते हैं। अल्लाह हमें सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 57-61 — सूरा यासीन
अनुवाद — यासीन 59
सूरा यासीन आयत 59 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (एक आवाज़ आएगी कि) ऐ गुनाहगारों तुम लोग (इनसे)…सूरा आयत 59/83 — सूरा यासीन يس (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा यासीन सुनें, सूरा यासीन अनुवाद, सूरा यासीन mp3, सूरा यासीन pdf. आयत 57–61. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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