यासीन · 59/83
अनुवाद उच्चारण — यासीन
وَامْتَازُوا الْيَوْمَ أَيُّهَا الْمُجْرِمُونَ ۝٥٩
Wamtaazul Yawma ayyuhal mujrimoon
📖 हिंदी अर्थ
और (एक आवाज़ आएगी कि) ऐ गुनाहगारों तुम लोग (इनसे) अलग हो जाओ
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • وَامْتَازُوا: अलग हो जाओ, जुदा हो जाओ, एक तरफ हट जाओ।
  • الْيَوْمَ: आज, अर्थात क़ियामत के दिन।
  • الْمُجْرِمُونَ: अपराधी, गुनाहगार, जिन्होंने कुफ़्र और शिर्क का अपराध किया।

तफ़सीर (व्याख्या):

उस महान दिन, जब सारे इंसान अपने रब के सामने हाज़िर होंगे, अल्लाह तआला की ओर से मुजरिमों (अपराधियों) को पुकारा जाएगा: "आज तुम अलग हो जाओ, ऐ अपराधियों!" यानी उन्हें हुक्म दिया जाएगा कि वे मोमिनीन (ईमानवालों) से जुदा होकर एक तरफ खड़े हो जाएं, क्योंकि उनका हाल, उनके अक़ीदे और उनका अंजाम मोमिनीन से बिल्कुल अलग है। जिस तरह दुनिया में वे ईमानवालों की राह से भटके हुए थे और उनके साथ नहीं थे, उसी तरह आज भी उन्हें उनसे अलग कर दिया जाएगा। यह अलगाव सिर्फ जिस्मानी नहीं होगा, बल्कि उनके दिल, उनके चेहरे और उनके हालात सब कुछ मोमिनीन से मुख़्तलिफ़ होंगे। मोमिनीन के चेहरे नूरानी होंगे और उनके दिल सुकून से भरे होंगे, जबकि मुजरिमों के चेहरे सियाह और उनके दिल खौफ़ से भरे होंगे।

यह वो लम्हा होगा जब सच्चाई बिल्कुल साफ़ हो जाएगी और हर शख्स अपने किए का अंजाम देख लेगा। यह अलगाव उनके लिए सबसे बड़ी रुसवाई और शर्मिंदगी का कारण होगा, क्योंकि सारे लोगों के सामने उन्हें जुदा किया जाएगा और उनकी पहचान कराई जाएगी कि ये हैं वो लोग जिन्होंने अपने रब की नाफ़रमानी की और उसके रसूलों को झुठलाया।

दावती पहलू:

यह आयत हमारे लिए एक बहुत बड़ी नसीहत है। अगर हम दुनिया में अपने रब की इबादत से मुंह मोड़ लें और अपने गुनाहों पर अड़े रहें, तो उस दिन हमें भी इसी तरह अलग किया जा सकता है। लेकिन अल्लाह तआला बड़ा मेहरबान है, उसने हमें मौका दिया है कि हम आज अपनी ज़िंदगी को सुधार लें। आज हमें चाहिए कि हम ईमानवालों के साथ रहें, उनकी राह पर चलें, नेकियाँ करें और गुनाहों से बचें, ताकि उस दिन हमें मुजरिमों के साथ खड़ा न होना पड़े, बल्कि हम उन लोगों में शामिल हों जिनके चेहरे नूरानी होंगे और जिन्हें जन्नत की खुशखबरी दी जाएगी। याद रखिए, यह जुदाई उस दिन की है, लेकिन आज हम खुद तय कर सकते हैं कि हम किस गिरोह के साथ रहना चाहते हैं। अल्लाह हमें सीधी राह पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।

🎧 सुनें

📜 आयत 57-61 — यासीन

57لَهُمْ فِيهَا فَاكِهَةٌ وَلَهُم مَّا يَدَّعُونَ
बेिहश्त में उनके लिए (ताज़ा) मेवे (तैयार) हैं और जो वह चाहें उनके लिए (हाज़िर) है
58سَلَامٌ قَوْلًا مِّن رَّبٍّ رَّحِيمٍ
मेहरबान परवरदिगार की तरफ से सलाम का पैग़ाम आएगा
59وَامْتَازُوا الْيَوْمَ أَيُّهَا الْمُجْرِمُونَ
और (एक आवाज़ आएगी कि) ऐ गुनाहगारों तुम लोग (इनसे) अलग हो जाओ
60۞ أَلَمْ أَعْهَدْ إِلَيْكُمْ يَا بَنِي آدَمَ أَن لَّا تَعْبُدُوا الشَّيْطَانَ ۖ إِنَّهُ لَكُمْ عَدُوٌّ مُّبِينٌ
ऐ आदम की औलाद क्या मैंने तुम्हारे पास ये हुक्म नहीं भेजा था कि (ख़बरदार) शैतान की परसतिश न करना वह यक़ीनी तुम्हारा खुल्लम खुल्ला दुश्मन है
61وَأَنِ اعْبُدُونِي ۚ هَٰذَا صِرَاطٌ مُّسْتَقِيمٌ
और ये कि (देखो) सिर्फ मेरी इबादत करना यही (नजात की) सीधी राह है
यासीनकुरान सूची
83आयत
मक्कीRevelation
59आयत

अनुवाद — यासीन 59

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Tuesday, August 18, 2026

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