अल-आराफ · 108/206
अनुवाद उच्चारण — अल-आराफ
وَنَزَعَ يَدَهُ فَإِذَا هِيَ بَيْضَاءُ لِلنَّاظِرِينَ ۝١٠٨
Wa naza`a yadahoo fa izaa hiya baidaaa`u linnaazireen
📖 हिंदी अर्थ
और अपना हाथ बाहर निकाला तो क्या देखते है कि वह हर शख़्श की नज़र मे जगमगा रहा है

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • وَنَزَعَ – निकाला, बाहर खींचा
  • يَدَهُ – अपना हाथ
  • بَيْضَاءُ – सफेद, चमकदार
  • لِلنَّاظِرِينَ – देखने वालों के लिए

तफसीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) के एक और महान मोजिज़े (चमत्कार) का वर्णन कर रहा है। जब हज़रत मूसा ने फिरौन के सामने अपनी लाठी का मोजिज़ा पेश किया, जो एक सांप बन गई थी, तो फिरौन ने इसे जादू करार दिया। इसके बाद अल्लाह ने अपने नबी को एक और निशानी दिखाने का हुक्म दिया।

हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अपना हाथ अपने गरेबान (कॉलर) में डाला या बगल के नीचे से निकाला, तो वह हाथ बिना किसी बीमारी (बरस) के अत्यधिक सफेद और चमकदार हो गया। यह सफेदी कोढ़ या किसी त्वचा रोग की वजह से नहीं थी, बल्कि यह अल्लाह का एक चमत्कार था जो देखने वालों की आँखों को चकाचौंध कर देती थी। उसकी रोशनी सूरज की किरणों से भी अधिक प्रबल थी। जब उन्होंने हाथ वापस गरेबान में डाला, तो वह अपनी पिछली स्थिति में लौट आया।

यह मोजिज़ा इसलिए दिखाया गया ताकि फिरौन और उसकी कौम यह समझ सके कि यह कोई जादू नहीं, बल्कि अल्लाह की कुदरत का नमूना है। जादूगर अपनी कला से ऐसा कुछ नहीं कर सकते, क्योंकि यह प्राकृतिक नियमों से परे अल्लाह का विशेष कार्य है।

फायदे और सबक:

  1. अल्लाह की कुदरत की पहचान: यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की शक्ति असीमित है। वह चाहे तो किसी भी चीज़ को उसकी प्राकृतिक अवस्था से बदल सकता है। हाथ का सफेद और चमकदार होना अल्लाह की कुदरत का प्रमाण है।
  2. नबियों की सच्चाई: ये मोजिज़े इस बात की गवाही देते हैं कि नबी अल्लाह की ओर से भेजे गए सच्चे दूत होते हैं। हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) के ये चमत्कार उनकी नबुव्वत की सच्चाई को साबित करते हैं।
  3. जादू और मोजिज़े में अंतर: जादूगरों की कला सीखी-सिखाई होती है और उसका असर अस्थायी होता है, जबकि मोजिज़ा अल्लाह की ओर से होता है और उसका असर हकीकी होता है। यह अंतर हमें सच्चाई को पहचानने में मदद देता है।
  4. अल्लाह पर भरोसा: जब नबी को मुश्किल परिस्थिति का सामना करना पड़ता है, तो अल्लाह उन्हें नई निशानियाँ देकर हिम्मत बँधाता है। यह हमें सिखाता है कि मुसीबत में अल्लाह पर भरोसा रखें और उसकी मदद के लिए तैयार रहें।
  5. दावत का तरीका: हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने फिरौन को सच्चाई की ओर बुलाने के लिए नर्मी और हिकमत के साथ सबूत पेश किए। यह हमें सिखाता है कि सच्चाई की दावत में सबूत और अच्छे अखलाक का सहारा लेना चाहिए।


📜 आयत 106-110 — अल-आराफ

106قَالَ إِن كُنتَ جِئْتَ بِآيَةٍ فَأْتِ بِهَا إِن كُنتَ مِنَ الصَّادِقِينَ
तो तू बनी ईसराइल को मेरे हमराह करे दे फिरऔन कहने लगा अगर तुम सच्चे हो और वाक़ई कोई मौजिज़ा लेकर आए हो तो उसे दिखाओ
107فَأَلْقَىٰ عَصَاهُ فَإِذَا هِيَ ثُعْبَانٌ مُّبِينٌ
(ये सुनते ही) मूसा ने अपनी छड़ी (ज़मीन पर) डाल दी पस वह यकायक (अच्छा खासा) ज़ाहिर बज़ाहिर अजदहा बन गई
108وَنَزَعَ يَدَهُ فَإِذَا هِيَ بَيْضَاءُ لِلنَّاظِرِينَ
और अपना हाथ बाहर निकाला तो क्या देखते है कि वह हर शख़्श की नज़र मे जगमगा रहा है
109قَالَ الْمَلَأُ مِن قَوْمِ فِرْعَوْنَ إِنَّ هَٰذَا لَسَاحِرٌ عَلِيمٌ
तब फिरऔन के क़ौम के चन्द सरदारों ने कहा ये तो अलबत्ता बड़ा माहिर जादूगर है
110يُرِيدُ أَن يُخْرِجَكُم مِّنْ أَرْضِكُمْ ۖ فَمَاذَا تَأْمُرُونَ
ये चाहता है कि तुम्हें तुम्हारें मुल्क से निकाल बाहर कर दे तो अब तुम लोग उसके बारे में क्या सलाह देते हो
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अनुवाद — अल-आराफ 108

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Tuesday, August 18, 2026

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