Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَنَزَعَ – निकाला, बाहर खींचा
- يَدَهُ – अपना हाथ
- بَيْضَاءُ – सफेद, चमकदार
- لِلنَّاظِرِينَ – देखने वालों के लिए
तफसीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) के एक और महान मोजिज़े (चमत्कार) का वर्णन कर रहा है। जब हज़रत मूसा ने फिरौन के सामने अपनी लाठी का मोजिज़ा पेश किया, जो एक सांप बन गई थी, तो फिरौन ने इसे जादू करार दिया। इसके बाद अल्लाह ने अपने नबी को एक और निशानी दिखाने का हुक्म दिया।
हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अपना हाथ अपने गरेबान (कॉलर) में डाला या बगल के नीचे से निकाला, तो वह हाथ बिना किसी बीमारी (बरस) के अत्यधिक सफेद और चमकदार हो गया। यह सफेदी कोढ़ या किसी त्वचा रोग की वजह से नहीं थी, बल्कि यह अल्लाह का एक चमत्कार था जो देखने वालों की आँखों को चकाचौंध कर देती थी। उसकी रोशनी सूरज की किरणों से भी अधिक प्रबल थी। जब उन्होंने हाथ वापस गरेबान में डाला, तो वह अपनी पिछली स्थिति में लौट आया।
यह मोजिज़ा इसलिए दिखाया गया ताकि फिरौन और उसकी कौम यह समझ सके कि यह कोई जादू नहीं, बल्कि अल्लाह की कुदरत का नमूना है। जादूगर अपनी कला से ऐसा कुछ नहीं कर सकते, क्योंकि यह प्राकृतिक नियमों से परे अल्लाह का विशेष कार्य है।
फायदे और सबक:
- अल्लाह की कुदरत की पहचान: यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की शक्ति असीमित है। वह चाहे तो किसी भी चीज़ को उसकी प्राकृतिक अवस्था से बदल सकता है। हाथ का सफेद और चमकदार होना अल्लाह की कुदरत का प्रमाण है।
- नबियों की सच्चाई: ये मोजिज़े इस बात की गवाही देते हैं कि नबी अल्लाह की ओर से भेजे गए सच्चे दूत होते हैं। हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) के ये चमत्कार उनकी नबुव्वत की सच्चाई को साबित करते हैं।
- जादू और मोजिज़े में अंतर: जादूगरों की कला सीखी-सिखाई होती है और उसका असर अस्थायी होता है, जबकि मोजिज़ा अल्लाह की ओर से होता है और उसका असर हकीकी होता है। यह अंतर हमें सच्चाई को पहचानने में मदद देता है।
- अल्लाह पर भरोसा: जब नबी को मुश्किल परिस्थिति का सामना करना पड़ता है, तो अल्लाह उन्हें नई निशानियाँ देकर हिम्मत बँधाता है। यह हमें सिखाता है कि मुसीबत में अल्लाह पर भरोसा रखें और उसकी मदद के लिए तैयार रहें।
- दावत का तरीका: हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने फिरौन को सच्चाई की ओर बुलाने के लिए नर्मी और हिकमत के साथ सबूत पेश किए। यह हमें सिखाता है कि सच्चाई की दावत में सबूत और अच्छे अखलाक का सहारा लेना चाहिए।
📜 आयत 106-110 — सूरा अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 108
सूरा अल-आराफ आयत 108 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अपना हाथ बाहर निकाला तो क्या देखते है कि…सूरा आयत 108/206 — सूरा अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-आराफ सुनें, सूरा अल-आराफ अनुवाद, सूरा अल-आराफ mp3, सूरा अल-आराफ pdf. आयत 106–110. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


