अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَغَيْرَ اللَّهِ: क्या अल्लाह के अलावा किसी और को?
- أَبْغِيكُمْ: मैं तुम्हारे लिए तलाश करूँ/चुनूँ।
- إِلَٰهًا: पूज्य/माबूद (जिसकी पूजा की जाए)।
- فَضَّلَكُمْ: उसने तुम्हें श्रेष्ठता दी / तुम्हें विशेष सम्मान प्रदान किया।
- الْعَالَمِينَ: अपने ज़माने के सारे संसारों/लोगों पर।
तफ़सीर (व्याख्या):
हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम को नसीहत करते हुए फ़रमाया: "क्या मैं तुम्हारे लिए अल्लाह के सिवा कोई और माबूद तलाश करूँ, जबकि वही अल्लाह है जिसने तुम्हें अपने ज़माने के सारे लोगों पर फ़ज़ीलत दी है?"
यह बात उन्होंने उस वक़्त कही जब उनकी क़ौम ने उनसे गुमराही का तक़ाज़ा किया कि वे उनके लिए कोई ऐसा माबूद मुक़र्रर कर दें जिसकी वे पूजा कर सकें, जैसा कि मिस्रवासी मूर्तियों की पूजा करते देखे थे। यह सुनकर मूसा (अलैहिस्सलाम) ने उन्हें टोका और उनकी इस जाहिलाना ख्वाहिश पर ताज्जुब का इज़हार किया।
उन्होंने अपनी क़ौम को याद दिलाया कि अल्लाह ने उन्हें कितनी बड़ी नेअमतें अता की हैं — उनके दुश्मन (फ़िरऔन और उसकी फ़ौज) को हलाक किया, उन्हें ज़मीन में ख़िलाफ़त अता की, उनमें बहुत से नबी भेजे, और उन्हें ऐसी आयतें (मोजिज़े) दिखाए जो दूसरी क़ौमों को नहीं दी गईं। इतनी बड़ी नेअमतों के बावजूद, क्या यह मुनासिब है कि वे अल्लाह को छोड़कर किसी और की इबादत करें?
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की नेअमतों को याद करके हमें सिर्फ़ उसी की इबादत करनी चाहिए। जिसने हमें पैदा किया, पाला-पोसा, और हर तरह की भलाई दी, उसे छोड़कर किसी और की तरफ़ रुजू करना बड़ी नादानी और अहमक़ी है। अल्लाह ने हम मुसलमानों को भी इस्लाम, ईमान और रहमतुल्लिल-आलमीन (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की पैरवी की तौफ़ीक़ देकर सारे जहान से बेहतर बनाया है। हमें चाहिए कि हम इस एहसान का शुक्र अदा करें और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ गुज़ारें। याद रखें, अल्लाह ही असली माबूद है, उसके सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं।
📜 आयत 138-142 — अल-आराफ
अनुवाद — अल-आराफ 140
सूरा अल-आराफ आयत 140 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (मूसा ने ये भी) कहा क्या तुम्हारा ये मतलब है…सूरा आयत 140/206 — अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-आराफ सुनें, अल-आराफ अनुवाद, अल-आराफ mp3, अल-आराफ pdf. आयत 138–142. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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