अल-आराफ · 140/206
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-आराफ
قَالَ أَغَيْرَ اللَّهِ أَبْغِيكُمْ إِلَٰهًا وَهُوَ فَضَّلَكُمْ عَلَى الْعَالَمِينَ ۝١٤٠
Qaala a-ghairal laahi abgheekum ilaahanw wa Huwa faddalakum `alal `aalameen
📖 हिंदी अर्थ
(मूसा ने ये भी) कहा क्या तुम्हारा ये मतलब है कि ख़ुदा को छोड़कर मै दूसरे को तुम्हारा माबूद तलाश करू

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • أَغَيْرَ اللَّهِ: क्या अल्लाह के अलावा किसी और को?
  • أَبْغِيكُمْ: मैं तुम्हारे लिए तलाश करूँ/चुनूँ।
  • إِلَٰهًا: पूज्य/माबूद (जिसकी पूजा की जाए)।
  • فَضَّلَكُمْ: उसने तुम्हें श्रेष्ठता दी / तुम्हें विशेष सम्मान प्रदान किया।
  • الْعَالَمِينَ: अपने ज़माने के सारे संसारों/लोगों पर।

तफ़सीर (व्याख्या):

हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम को नसीहत करते हुए फ़रमाया: "क्या मैं तुम्हारे लिए अल्लाह के सिवा कोई और माबूद तलाश करूँ, जबकि वही अल्लाह है जिसने तुम्हें अपने ज़माने के सारे लोगों पर फ़ज़ीलत दी है?"

यह बात उन्होंने उस वक़्त कही जब उनकी क़ौम ने उनसे गुमराही का तक़ाज़ा किया कि वे उनके लिए कोई ऐसा माबूद मुक़र्रर कर दें जिसकी वे पूजा कर सकें, जैसा कि मिस्रवासी मूर्तियों की पूजा करते देखे थे। यह सुनकर मूसा (अलैहिस्सलाम) ने उन्हें टोका और उनकी इस जाहिलाना ख्वाहिश पर ताज्जुब का इज़हार किया।

उन्होंने अपनी क़ौम को याद दिलाया कि अल्लाह ने उन्हें कितनी बड़ी नेअमतें अता की हैं — उनके दुश्मन (फ़िरऔन और उसकी फ़ौज) को हलाक किया, उन्हें ज़मीन में ख़िलाफ़त अता की, उनमें बहुत से नबी भेजे, और उन्हें ऐसी आयतें (मोजिज़े) दिखाए जो दूसरी क़ौमों को नहीं दी गईं। इतनी बड़ी नेअमतों के बावजूद, क्या यह मुनासिब है कि वे अल्लाह को छोड़कर किसी और की इबादत करें?

यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की नेअमतों को याद करके हमें सिर्फ़ उसी की इबादत करनी चाहिए। जिसने हमें पैदा किया, पाला-पोसा, और हर तरह की भलाई दी, उसे छोड़कर किसी और की तरफ़ रुजू करना बड़ी नादानी और अहमक़ी है। अल्लाह ने हम मुसलमानों को भी इस्लाम, ईमान और रहमतुल्लिल-आलमीन (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की पैरवी की तौफ़ीक़ देकर सारे जहान से बेहतर बनाया है। हमें चाहिए कि हम इस एहसान का शुक्र अदा करें और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ गुज़ारें। याद रखें, अल्लाह ही असली माबूद है, उसके सिवा कोई इबादत के लायक़ नहीं।



📜 आयत 138-142 — सूरा अल-आराफ

138وَجَاوَزْنَا بِبَنِي إِسْرَائِيلَ الْبَحْرَ فَأَتَوْا عَلَىٰ قَوْمٍ يَعْكُفُونَ عَلَىٰ أَصْنَامٍ لَّهُمْ ۚ قَالُوا يَا مُوسَى اجْعَل لَّنَا إِلَٰهًا كَمَا لَهُمْ آلِهَةٌ ۚ قَالَ إِنَّكُمْ قَوْمٌ تَجْهَلُونَ
और हमने बनी ईसराइल को दरिया के उस पार उतार दिया तो एक ऐसे लोगों पर से गुज़रे जो अपने (हाथों से बनाए हुए) बुतों की परसतिश पर जमा बैठे थे (तो उनको देख कर बनी ईसराइल से) कहने लगे ऐ मूसा जैसे उन लोगों के माबूद (बुत) हैं वैसे ही हमारे लिए भी एक माबूद बनाओ मूसा ने जवाब दिया कि तुम लोग जाहिल लोग हो
139إِنَّ هَٰؤُلَاءِ مُتَبَّرٌ مَّا هُمْ فِيهِ وَبَاطِلٌ مَّا كَانُوا يَعْمَلُونَ
(अरे कमबख्तो) ये लोग जिस मज़हब पर हैं (वह यक़ीनी बरबाद होकर रहेगा) और जो अमल ये लोग कर रहे हैं (वह सब मिटिया मेट हो जाएगा)
140قَالَ أَغَيْرَ اللَّهِ أَبْغِيكُمْ إِلَٰهًا وَهُوَ فَضَّلَكُمْ عَلَى الْعَالَمِينَ
(मूसा ने ये भी) कहा क्या तुम्हारा ये मतलब है कि ख़ुदा को छोड़कर मै दूसरे को तुम्हारा माबूद तलाश करू
141وَإِذْ أَنجَيْنَاكُم مِّنْ آلِ فِرْعَوْنَ يَسُومُونَكُمْ سُوءَ الْعَذَابِ ۖ يُقَتِّلُونَ أَبْنَاءَكُمْ وَيَسْتَحْيُونَ نِسَاءَكُمْ ۚ وَفِي ذَٰلِكُم بَلَاءٌ مِّن رَّبِّكُمْ عَظِيمٌ
हालॉकि उसने तुमको सारी खुदाई पर फज़ीलत दी है (ऐ बनी इसराइल वह वक्त याद करो) जब हमने तुमको फिरऔन के लोगों से नजात दी जब वह लोग तुम्हें बड़ी बड़ी तकलीफें पहुंचाते थे तुम्हारे बेटों को तो (चुन चुन कर) क़त्ल कर डालते थे और तुम्हारी औरतों को (लौन्डियॉ बनाने के वास्ते ज़िन्दा रख छोड़ते) और उसमें तुम्हारे परवरदिगार की तरफ से तुम्हारे (सब्र की) सख्त आज़माइश थी
142۞ وَوَاعَدْنَا مُوسَىٰ ثَلَاثِينَ لَيْلَةً وَأَتْمَمْنَاهَا بِعَشْرٍ فَتَمَّ مِيقَاتُ رَبِّهِ أَرْبَعِينَ لَيْلَةً ۚ وَقَالَ مُوسَىٰ لِأَخِيهِ هَارُونَ اخْلُفْنِي فِي قَوْمِي وَأَصْلِحْ وَلَا تَتَّبِعْ سَبِيلَ الْمُفْسِدِينَ
और हमने मूसा से तौरैत देने के लिए तीस रातों का वायदा किया और हमने उसमें दस रोज़ बढ़ाकर पूरा कर दिया ग़रज़ उसके परवरदिगार का वायदा चालीस रात में पूरा हो गया और (चलते वक्त) मूसा ने अपने भाई हारून कहा कि तुम मेरी क़ौम में मेरे जानशीन रहो और उनकी इसलाह करना और फसाद करने वालों के तरीक़े पर न चलना
अल-आराफकुरान सूची
206आयत
मक्कीअवतरण स्थान
140आयत

अनुवाद — अल-आराफ 140

सूरा अल-आराफ आयत 140 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (मूसा ने ये भी) कहा क्या तुम्हारा ये मतलब है…

सूरा आयत 140/206 — सूरा अल-आराफ الأعراف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-आराफ सुनें, सूरा अल-आराफ अनुवाद, सूरा अल-आराफ mp3, सूरा अल-आराफ pdf. आयत 138–142. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Thursday, October 1, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए