Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَثَل: उदाहरण, स्थिति, हालत।
- خَلَقَهُ: उसे पैदा किया।
- مِن تُرَابٍ: मिट्टी से।
- كُن: हो जा।
- فَيَكُونُ: तो वह हो जाता है (तुरंत हो जाता है)।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला फ़रमाता है कि ईसा (अलैहिस्सलाम) की पैदाइश की स्थिति, जो बिना पिता के हुई, अल्लाह के यहाँ बिल्कुल आदम (अलैहिस्सलाम) की पैदाइश के समान है। आदम को अल्लाह ने बिना पिता और बिना माँ के मिट्टी से पैदा किया, फिर उनसे कहा "हो जा", और वह हो गए। यानी जिस तरह आदम का बिना माता-पिता के पैदा होना उनके बन्दा होने में कोई संदेह पैदा नहीं करता, बल्कि वे अल्लाह के आदरणीय नबी और बन्दे हैं, उसी तरह ईसा (अलैहिस्सलाम) का बिना पिता के पैदा होना भी उनके बन्दे और रसूल होने के रुतबे को कम नहीं करता।
जो लोग ईसा (अलैहिस्सलाम) को बिना पिता के पैदा होने की वजह से अल्लाह का बेटा या खुदा कहते हैं, उनकी यह दलील बिल्कुल बेबुनियाद है। क्योंकि अगर बिना पिता के पैदा होना खुदाई की दलील होती, तो आदम (अलैहिस्सलाम) को भी खुदा या खुदा का बेटा कहना चाहिए, जो बिना माँ और बिना पिता दोनों के पैदा हुए। हालाँकि सभी लोग (मुसलमान, ईसाई और यहूदी) इस बात पर इत्तेफ़ाक रखते हैं कि आदम अल्लाह के बन्दे और नबी थे। इसलिए ईसा (अलैहिस्सलाम) भी अल्लाह के बन्दे और रसूल हैं, न कि खुदा या खुदा के बेटे। अल्लाह की कुदरत यह है कि वह जब किसी चीज़ को पैदा करना चाहता है, तो बस कहता है "हो जा", और वह चीज़ फौरन हो जाती है। उसके लिए किसी साधन या वजह की ज़रूरत नहीं होती।
फ़ायदे (सबक):
- अल्लाह की कुदरत असीम है, वह जब चाहता है, किसी भी चीज़ को बिना किसी सामान्य ज़रिये के पैदा कर सकता है। इसलिए हमें अल्लाह की कुदरत पर पूरा यक़ीन रखना चाहिए।
- ईसा (अलैहिस्सलाम) अल्लाह के नबी और बन्दे हैं, उन्हें खुदा या खुदा का बेटा कहना बिल्कुल ग़लत और बातिल है। इस आयत से उनकी इज़्ज़त और रुतबा साबित होता है कि वे अल्लाह के पैग़म्बर हैं।
- यह आयत हमें सिखाती है कि किसी भी इंसान की फज़ीलत और बुज़ुर्गी उसके पैदाइश के तरीक़े से नहीं, बल्कि अल्लाह की इताअत और उसके दीन पर चलने से है।
- अल्लाह के हुक्म (कुन) की ताक़त का ज़िक्र हमें याद दिलाता है कि जब अल्लाह किसी काम का इरादा कर लेता है, तो उसे कोई रोक नहीं सकता। इसलिए हमें हर मामले में अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए और उसकी तक़दीर पर राज़ी रहना चाहिए।
📜 आयत 57-61 — सूरा आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 59
सूरा आल-इमरान आयत 59 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ख़ुदा के नज़दीक तो जैसे ईसा की हालत वैसी ही…सूरा आयत 59/200 — सूरा आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा आल-इमरान सुनें, सूरा आल-इमरान अनुवाद, सूरा आल-इमरान mp3, सूरा आल-इमरान pdf. आयत 57–61. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा आल-इमरान
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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