अश-शुआरा · 72/227
अनुवाद उच्चारण — अश-शुआरा
قَالَ هَلْ يَسْمَعُونَكُمْ إِذْ تَدْعُونَ ۝٧٢
Qaala hal yasma`oona kum iz tad`oon
📖 हिंदी अर्थ
इबराहीम ने कहा भला जब तुम लोग उन्हें पुकारते हो तो वह तुम्हारी कुछ सुनते हैं
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يَسْمَعُونَكُمْ: क्या वे तुम्हारी सुनते हैं
  • إِذْ تَدْعُونَ: जब तुम उन्हें पुकारते हो

व्याख्या:

हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम को समझाने और उनकी बुद्धि को जगाने के लिए यह प्रश्न किया। उन्होंने उन मूर्तियों की ओर इशारा करते हुए पूछा: "क्या ये मूर्तियाँ तुम्हारी सुनती हैं, जब तुम उन्हें पुकारते हो?" यह प्रश्न एक गहरी सच्चाई को उजागर करता है — वे मूर्तियाँ न तो सुन सकती हैं, न देख सकती हैं, न बोल सकती हैं, और न ही किसी प्रकार का कोई लाभ या हानि पहुँचा सकती हैं।

यह प्रश्न केवल एक साधारण पूछताछ नहीं थी, बल्कि यह उनके अक़ीदे (विश्वास) की बुनियाद को हिला देने वाला था। हज़रत इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) चाहते थे कि उनकी क़ौम खुद अपनी समझ से यह महसूस करे कि जो चीज़ सुन, देख और समझ नहीं सकती, वह इबादत (पूजा) के योग्य कैसे हो सकती है?

यहाँ एक महत्वपूर्ण शिक्षा है — इंसान को चाहिए कि वह अपनी अक़्ल (बुद्धि) का इस्तेमाल करे और उसी की इबादत करे जो सुनने, देखने और हर चीज़ पर क़ुदरत रखता है। वह अल्लाह है, जो हर दुआ को सुनता है, हर पुकार को जानता है, और अपने बंदों की हर ज़रूरत को पूरा करने पर क़ादिर है।

यह आयत हमें सिखाती है कि हम अपनी दुआओं और इबादत को सिर्फ़ अल्लाह के लिए ख़ास रखें, क्योंकि वही सब कुछ सुनने वाला और जवाब देने वाला है। जब हम उसी से माँगते हैं, तो हमारी दुआएँ बेकार नहीं जातीं, बल्कि वह हमें सबसे अच्छा बदला देता है। यही सच्ची सफलता और सच्ची इबादत का रास्ता है।

🎧 सुनें

📜 आयत 70-74 — अश-शुआरा

70إِذْ قَالَ لِأَبِيهِ وَقَوْمِهِ مَا تَعْبُدُونَ
जब उन्होंने अपने (मुँह बोले) बाप और अपनी क़ौम से कहा
71قَالُوا نَعْبُدُ أَصْنَامًا فَنَظَلُّ لَهَا عَاكِفِينَ
कि तुम लोग किसकी इबादत करते हो तो वह बोले हम बुतों की इबादत करते हैं और उन्हीं के मुजाविर बन जाते हैं
72قَالَ هَلْ يَسْمَعُونَكُمْ إِذْ تَدْعُونَ
इबराहीम ने कहा भला जब तुम लोग उन्हें पुकारते हो तो वह तुम्हारी कुछ सुनते हैं
73أَوْ يَنفَعُونَكُمْ أَوْ يَضُرُّونَ
या तम्हें कुछ नफा या नुक़सान पहुँचा सकते हैं
74قَالُوا بَلْ وَجَدْنَا آبَاءَنَا كَذَٰلِكَ يَفْعَلُونَ
कहने लगे (कि ये सब तो कुछ नहीं) बल्कि हमने अपने बाप दादाओं को ऐसा ही करते पाया है
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अनुवाद — अश-शुआरा 72

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Tuesday, August 18, 2026

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